मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:57 · नई दिल्ली संस्करण

शोध छात्र सचिन को मिला युवा वैज्ञानिक पुरस्कार

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

हरिद्वार,

26 फ़रवरी । गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान और

सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के पीएचडी शोध छात्र सचिन कुमार को 18वें

उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी कांग्रेस के लिए युवा वैज्ञानिक

पुरस्कार 2024 के लिए पुरस्कृत किया गया है।

डॉ.

संदीप कुमार के मार्गदर्शन में सचिन कुमार ने अपने उत्कृष्ट कार्य और

वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति अपने समर्पित भाव से इस महत्वपूर्ण परिचय को

प्राप्त किया है। इस नामांकन का आयोजन 22 फरवरी को हुआ था, जिसमें उन्होंने

ष्वैदिक, स्थानीय और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली के विषय में अपना अध्ययन

प्रस्तुत किया था।

विज्ञान कांग्रेस, जिसका विषय भारतीय

ज्ञान विज्ञान परंपरा विश्व शांति और समानता के लिए था, 8, 22 और 23 फरवरी

को हुआ था, जबकि पुरस्कार समारोह 28 फरवरी को 10 बजे से विज्ञान धाम, झाझडा

में होगा।

उनको यह पुरस्कार उनके शोध पत्र आयुर्वेदिक

ज्ञान और आधुनिक विज्ञान का समायोजन बैकोपा मोनिएरी ब्राह्मी का जीवाणुरोधी

क्षमता की खोज पर दिया गया है। यह शोध पत्र उन्होंने डा. संदीप कुमार के

मार्गदर्शन में तैयार किया। ब्राह्मी, जिसे बैकोपा मोनिएरी भी कहा जाता

है, एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग शारीरिक स्वास्थ्य के सामंजस्य में

किया जाता है।

आंतरदृष्टि, विज्ञान, और आयुर्वेदिक ज्ञान का

समायोजन करके, औषधीय पौधों का उपयोग एंटीबायोटिक प्रतिरोध के खिलाफ एक

सक्रिय लडाई में किया जा रहा है। इन पौधों के रासायनिक तत्व एंटीबायोटिक

रेजिस्टेंस के खिलाफ प्रतिसादी हो सकते हैं, जिससे अधिक प्रभावी और

सुरक्षित उपायों का निर्माण हो सकता है। इस संबंध में उनको पुरस्कार मिलने

पर गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय परिसर के शिक्षकों व कर्मचारियों ने खुशी

जताई है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें