"साबित हुआ प्रमाण, ज्ञानवापी मस्जिद नहीं मंदिर है"

काशी विश्वनाथ परिसर में स्थित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर एक बहुत बड़ी
खबर आयी है। काशी विश्वनाथ परिसर की लड़ाई लड़ रहे हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर
जैन ने एएसआई के रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद का ढांचा पुराने
मंदिर के ढांचे को विकृत करके निर्माण किया गया । बता दें कि कोर्ट
के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद का ASI सर्वे
कराया गया था। 18 दिसंबर को एएसआई ने जिला जज की अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद हिंदू पक्ष ने मांग की थी कि
सर्वे रिपोर्ट की कॉपी दोनों पक्षों को सौंपी जाएं। इस पर बुधवार 24 जनवरी 2024
को
जिला कोर्ट ने सभी पक्षों को सर्वे रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था।
दरअसल, कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद
का ASI सर्वे कराया गया था। 18 दिसंबर को एएसआई ने जिला जज की अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद हिंदू पक्ष ने मांग
की थी कि सर्वे रिपोर्ट की कॉपी दोनों पक्षों को सौंपी जाए। इस पर बुधवार 24 जनवरी 2024 को जिला कोर्ट
ने सभी पक्षों को सर्वे रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। विष्णु शंकर ने दावा किया
कि जीपीआर सर्वे पर ASI ने कहा है कि यह कहा जा सकता है कि यहां पर एक
बड़ा भव्य हिन्दू मंदिर था, अभी
के ढांचा के पहले एक बड़ा हिंदू मंदिर मौजूद था। उन्होंने ने दावा किया कि ASI
के
मुताबिक वर्तमान जो ढांचा है उसकी पश्चिमी दीवार
पहले के बड़े हिंदू मंदिर का हिस्सा है। यहां पर एक प्री एक्जिस्टिंग स्ट्रक्चर है
उसी के ऊपर गुंबद बनाए गए।
ज्ञानवापी मस्जिद की ASI सर्वे की
रिपोर्ट को लेकर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि जिला जज के नकल
विभाग कार्यालय ने उन्हें ज्ञानवापी मस्जिद की ASI सर्वे रिपोर्ट
सौंप दी है। इस रिपोर्ट के कुल पन्नों की संख्या 839 बताई जा रही है।
इस रिपोर्ट को लेकर गुरुवार को विष्णु शंकर ने देर रात प्रेस कांफ्रेंस की और
एएसआई के हवाले से कई दावे पेश किए जिसमें दावा किया गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद पूर्व में मंदिर था। और अब जिसका सबूत आ चुका है।





