भारत मंडपम में इंडिया हेल्थ 2025 की भव्य शुरुआत: नवाचार, आत्मनिर्भरता और डिजिटल स्वास्थ्य मिशन को मिला नया आयाम

भारत मंडपम में इंडिया हेल्थ 2025 की भव्य शुरुआत: नवाचार, आत्मनिर्भरता और डिजिटल स्वास्थ्य मिशन को मिला नया आयाम
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में 11 जुलाई को हेल्थकेयर सेक्टर के सबसे बड़े आयोजनों में से एक इंडिया हेल्थ एग्ज़िबिशन 2025 की प्रभावशाली शुरुआत हुई। इनफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में 300 से अधिक अग्रणी ब्रांडों और 8,000 से ज्यादा स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों और हितधारकों ने भाग लिया। इस आयोजन ने न केवल देश में तेजी से उभरते हेल्थकेयर और मेडटेक सेक्टर की आवश्यकता को रेखांकित किया, बल्कि भारत को हेल्थ इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध किया।
कार्यक्रम में ग्लोबल मेडटेक कनेक्ट और हेल्थकेयर 360° जैसे दो समानांतर सम्मेलन भी शुरू किए गए, जिनमें रेगुलेटरी सुधार, गुणवत्ता नियंत्रण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और मेडटेक निर्माण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यापक विमर्श हुआ। इस दौरान ‘इंडिया हेल्थनेक्स्ट अवॉर्ड्स’ के पहले संस्करण का आयोजन भी हुआ, जिसमें हेल्थ इंडस्ट्री के नवाचारकर्ताओं और उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एएमटीज़ेड (आंध्र प्रदेश मेडटेक ज़ोन) के प्रबंध निदेशक डॉ. जितेंद्र शर्मा ने देश की पहली समर्पित मेडिकल टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी की घोषणा की, जो M.Tech, MBA और PhD जैसी डिग्रियों के ज़रिए युवाओं को तकनीकी दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।
इस आयोजन में मेक इन इंडिया और डिजिटल हेल्थ मिशन जैसे राष्ट्रीय अभियानों की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली। मेडटेक उत्पादों, हेल्थ आईटी, डायग्नॉस्टिक्स और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े स्टार्टअप्स और ब्रांड्स ने अपनी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन किया। B2B मैचमेकिंग ऐप जैसे डिजिटल टूल्स के जरिए आयोजकों ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को नेटवर्किंग और साझेदारी का सशक्त मंच भी प्रदान किया।
इंडिया हेल्थ 2025 में जारी श्वेत पत्र में सिंगल स्पेशियलिटी हॉस्पिटल मॉडल की उपयोगिता और बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला गया, जो देश में प्रभावी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक नई सोच को बढ़ावा देता है।
कार्यक्रम में AIMED, ADMI, AHPI और MTAI जैसे प्रमुख संगठनों का सहयोग यह दर्शाता है कि यह आयोजन न केवल व्यापार और नवाचार का केंद्र बना, बल्कि भारत की हेल्थकेयर रणनीतियों और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में मील का पत्थर भी साबित हुआ।
यह आयोजन एक ऐसा मंच बनकर उभरा है, जहां नीति निर्माता, चिकित्सा विशेषज्ञ, उद्यमी और नवाचारकर्ता मिलकर भारत को वैश्विक हेल्थकेयर लीडर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।





