महागठबंधन ने लोस चुनाव से पहले खेला बड़ा दाव,स्थानीयता, आरक्षण, सरना कोड पर रिप्रेजेंटेशन के लिए राष्ट्रपति से मांगा समय

रांची: लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा दाव खेला दिया है। स्थानीयता, आरक्षण, सरना कोड पर रिप्रेजेंटेशन के लिए राष्ट्रपति से समय मांगा गया है। झामुमो के महासचिव विनोद पांडे ने बताया कि झारखंडी अस्मिता से जुड़े प्रमुख मांग और बिल जैसे सरना धर्म कोड, ओबीसी आरक्षण और 1932 खतियान आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति आधारित बिल झारखंड विधानसभा से पास कर राज्यपाल के पास भेजा गया था। जिसमें कुछ विधेयक को राजभवन ने वापस कर दिया। उसके बाद फिर से विधानसभा से इन विधेयकों को पास करके राज्यपाल के पास भेजा गया है। इन तमाम मांगों को लेकर इंडिया गठबंधन का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति से मिलना चाहता है। पत्र में लिखा गया है कि मंत्री, सांसद, सीनियर लीडर्स वाला 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिलकर अपनी बातों को रखेंगे। बहरहाल महागठबंधन ने बड़ी राजनीति के तहत ठीक उस समय मामला उठाया है जब लोकसभा चुनाव की बिगुल फुकी जा चुकी है। इस स्ट्रेटजी के तहत तीनों प्रस्ताव पारित नहीं होने पर केंद्र सरकार को लोकसभा चुनाव में घेरा जा सकता है। इसका कितना फायदा होगा यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा फिलहाल महागठबंधन फिलगुड में नजर आ रही है।





