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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

मेसी इवेंट में अव्यवस्था पर राज्यपाल आनंद बोस सख्त, बोले- कुप्रबंधन नहीं, घोर लापरवाही

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
मेसी इवेंट में अव्यवस्था पर राज्यपाल आनंद बोस सख्त, बोले- कुप्रबंधन नहीं, घोर लापरवाही

कोलकाता। कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सिर्फ कुप्रबंधन नहीं, बल्कि अधिकारियों की घोर लापरवाही का नतीजा है।

राज्यपाल ने आईएएनएस से कहा कि इस कार्यक्रम में जिस तरह का हंगामा और अव्यवस्था देखने को मिली, वह खेल प्रेमियों के साथ अन्याय है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "कुप्रबंधन शब्द भी इस स्थिति को बयान करने के लिए कम है। इसमें अधिकारियों की लापरवाही साफ नजर आती है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जब खेल को केवल एक व्यावसायिक वस्तु की तरह देखा जाता है और निजी लोगों को खेल प्रेमियों की भावनाओं की कीमत पर पैसा कमाने की छूट दी जाती है, तो इसके ऐसे ही गंभीर परिणाम सामने आते हैं।

राज्यपाल ने बताया कि मेसी की एक झलक पाने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग कोलकाता पहुंचे थे।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के बावजूद सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जो बेहद चिंताजनक है।

राज्यपाल ने कहा कि कोलकाता में जो अव्यवस्थित भगदड़ जैसी स्थिति बनी, वह खेल प्रेमियों के लिए शर्मनाक है, खासकर बंगाल के लोगों के लिए। प्रशासन इस स्थिति का अनुमान लगाने और समय रहते जरूरी एहतियाती कदम उठाने में पूरी तरह नाकाम रहा।

हालांकि, राज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं और इसलिए किसी भी घटना पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देना उचित नहीं समझते।

उन्होंने कहा कि इस मामले में निश्चित रूप से पूर्ण विफलता हुई है, लेकिन इसके आधार पर पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था का आकलन करना सही नहीं होगा।

उन्होंने कहा, "मैं उसकी डिटेल्स में नहीं जाना चाहता, लेकिन गवर्नर के तौर पर मेरी पहली जिम्मेदारी लोगों के प्रति है। इसलिए मैं लोगों के नजरिए से सोचूंगा, जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज किया गया और लोगों को किसी की पैसे के लालच के लिए बलि का बकरा बनाया गया, खेल को एक कमर्शियल चीज की तरह बेचा गया।"

राज्यपाल आनंद बोस ने यह भी बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले का अपना स्वतंत्र आकलन किया है, जिसकी जानकारी वे संबंधित अधिकारियों को देंगे।

फिलहाल, उन्होंने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से और अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

वहीं, बांग्लादेशी घुसपैठियों के चुनाव पर असर डालने की संभावना पर पश्चिम बंगाल के गवर्नर ने कहा, "एसआईआर के बाद, मेरा मानना ​​है कि संभावनाएं कम हो गई हैं। मैं यह नहीं कह रहा कि वे पूरी तरह खत्म हो गई हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से कम हो गई हैं।

उन्होंने आगे कहा, "यह एक सच्चाई है जो एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने पर सामने आई। बंगाल से सीमा के रास्ते बांग्लादेश में अवैध प्रवासियों का पलायन भी हो रहा है। यह एक ऐसी स्थिति है, एक ऐसी घटना है जिसका काफी हद तक गहराई से अध्ययन किया गया है। जहां तक ​​इसका चुनावों पर असर पड़ने की बात है, एसआईआर प्रक्रिया निश्चित रूप से बदलाव लाएगी। यह सिस्टम को काफी हद तक साफ करेगी।"

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