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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:42 · नई दिल्ली संस्करण

बलरामपुर जिले में सुशासन से बदली जिंदगी, दृष्टिबाधित दंपति को मिला घर, रोजगार और सुरक्षा

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
बलरामपुर जिले में सुशासन से बदली जिंदगी, दृष्टिबाधित दंपति को मिला घर, रोजगार और सुरक्षा

बलरामपुर : जिले के ग्राम गोविंदपुर (सरगड़ी) में रहने वाले कृष्णा पहाड़ी कोरवा और उनकी पत्नी अनिता की जिंदगी में सुशासन ने नया बदलाव लाया है।

दृष्टिबाधित होने के बावजूद अब यह दंपति न केवल आत्मनिर्भर बना है, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जी रहा है।राज्य स्थापना की रजत जयंती (2025) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृष्णा को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का पक्का मकान सौंपा। पक्के घर ने इस परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व दिया, जिससे उनकी वर्षों पुरानी चिंता दूर हुई।आर्थिक मजबूती के लिए महात्मा गांधी नरेगा इस परिवार का प्रमुख सहारा बना। दृष्टिबाधित होने के बावजूद कृष्णा और अनिता मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों को पानी पिलाने का काम कर रहे हैं। वर्ष 2024-25 में उन्हें 86 दिन का रोजगार मिला, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 14 दिन काम मिल चुका है। इससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो रही हैं।परिवार को अंत्योदय अन्न योजना के तहत राशन, आयुष्मान भारत योजना से स्वास्थ्य सुविधा और दिव्यांग पेंशन से नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। इन योजनाओं ने उनके जीवन में स्थिरता और भरोसा बढ़ाया है।कृष्णा और अनिता की कहानी बताती है कि जब योजनाएं सही तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं, तो हालात बदलते देर नहीं लगती। अब यह दंपति आत्मसम्मान के साथ जीवन जीते हुए दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।

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