वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10वें संस्करण में प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण की ग्लोबल बिजनेस लीडर्स ने की प्रशंसा

गांधीनगर,
10 जनवरी । 20 साल पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात समिट की शुरुआत की थी। आज यह समिट
वैश्विक व्यवसाय के लिए एक एक ऐसा वाइब्रेंट मंच बन गया है, जहां निवेश
संभावनाओं के साथ व्यापार का परस्पर आदान प्रदान हो रहा है। मोदी के विचार
और कल्पना से शुरू हुआ यह वाइब्रेंट समिट आज एक वैश्विक समिट बना है।
प्रधानमंत्री के इस प्रयास की देश-विदेश से आए राष्ट्राध्यक्षों और
उद्यमियों ने जमकर सराहना की।
लक्ष्मी मित्तल: आर्सेलर मित्तल के
चेयरमेन लक्ष्मी मित्तल ने पिछले वर्ष सितंबर में वाइब्रेंट गुजरात की
20वीं वर्षगांठ की विज़िट को याद किया और वाइब्रेंट गुजरात समिट के मेगा
ग्लोबल इवेंट के लिए संस्थागत ढांचा खड़ा करने की प्रक्रिया जारी रखने पर
प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की। मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि गुजरात
वर्षों से पॉलिसी ड्रिवन स्टेट रहा है और इसके परिणामस्वरूप गुजरात भी भारत
के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आर्सेलर मित्तल, हजीरा में
स्टील उत्पादन के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है, जिसका पहला चरण
वर्ष 2026 में पूरा होगा, जबकि दूसरे चरण के लिए भी एमओयू हो चुका है। यह
समग्र प्रोजेक्ट वर्ष 2029 तक पूर्ण होगा।
तोशीहिरो सुजुकी:
सुजुकी के अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ऑटोमोबाइल उद्योग का विकास हो
रहा है और देशभर में ऑटोमोबाइल उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि देखने को मिली
है। भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन गया है, इस
संदर्भ में जानकारी देते हुए सुजुकी ने देश के आर्थिक विकास पर
प्रधानमंत्री के प्रगतिशील अभिगम के प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने
इथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और गाय के गोबर से बायोगैस के उत्पादन के माध्यम
से ग्रीनहाउस उत्सर्जन में कमी लाने में योगदान देने का आश्वासन दिया।
उन्होंने सुजुकी ग्रुप, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और बनास डेयरी के
साथ मिलकर बायोगैस उत्पादन शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि
सुजुकी द्वारा गुजरात में 4 बायोगैस संयंत्रों का निर्माण शुरू कर दिया है।
मुकेश
अंबानी: रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुजराती मूल के होने पर
गर्व व्यक्त करते हुए गुजरात की कायापलट का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया।
उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री बोलते हैं तो दुनिया केवल सुनती ही नहीं,
बल्कि उसकी सराहना भी करती है। उन्होंने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री
द्वारा असंभव को संभव बनाए जाने तथा इसी कारण ‘मोदी है, तो मुमकिन है’ कहे
जाने को बहुत ही अच्छे प्रसंग के साथ समझाया। रिलायंस ने समग्र भारत में
वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल इस्टेट्स बनाने के लिए पिछले 10 वर्षों में 150
बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है, जिसमें से एक तिहाई से अधिक का
निवेश मात्र गुजरात में किया गया है। मुकेश अंबानी ने गुजरात से 5 वादे
किए। रिलायंस आगामी 10 वर्षों में महत्वपूर्ण निवेश के साथ गुजरात की विकास
गाथा में अग्रणी भूमिका निभाना जारी रखेगा, विशेष रूप से गुजरात को ग्रीन
ग्रोथ में वैश्विक अग्रणी बनाने में मुख्य भूमिका निभाएगा। जामनगर में 5000
एकड़ का धीरूभाई एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है, जो 2024 की
दूसरी छमाही में ही कार्यरत होने के लिए तैयार हो जाएगा। 5G के सबसे तेज
रोल आउट के कारण आज गुजरात पूर्ण रूप से 5जी सक्षम है। इससे गुजरात डिजिटल
डेटा प्लेटफॉर्म और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को अपनाने में अग्रणी बनेगा।
प्रधानमंत्री के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के इरादे की घोषणा के अनुरूप,
रिलायंस और रिलायंस फाउंडेशन गुजरात में खेल, शिक्षा और कौशल बुनियादी
ढांचे में सुधार के प्रयासों में कई अन्य भागीदारों के साथ जुड़ेगा।
संजय
मेहरोत्रा: माइक्रोन टेक्नोलॉजीस के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने देश को
सेमीकंडक्टर उत्पादन की शुरुआत करने के दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री का
आभार व्यक्त किया और कहा कि चूंकि भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी
अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में यह भविष्य
में एक प्रमुख आर्थिक चालक बनेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि
5,00,000 वर्ग फुट को समाविष्ट करने वाला पहला चरण 2025 की शुरुआत में
कार्यरत हो जाएगा, जिससे आगामी वर्षों में 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार और
15,000 अतिरिक्त सामुदायिक रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने कहा, "दोनों
चरणों में माइक्रोन और सरकार का संयुक्त निवेश 2.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक
पहुंच सकता है।" उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग में भारत में निवेश में
अग्रणी भूमिका निभाने में कंपनी की भूमिका को रेखांकित करते हुए अपने
संबोधन को समाप्त किया।
गौतम अडानी: अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम
अडानी ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अब तक के सभी संस्करणों में
शामिल होने पर गर्व की भावना व्यक्त की। अडानी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी की कार्यशैली, महत्वाकांक्षाओं, सुशासन तथा कड़े क्रियान्वयन की
प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक भारत की जीडीपी में 18.5
प्रतिशत तथा प्रति व्यक्ति आय में 165 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जो
विशेषकर भौगोलिक, राजनीतिक अस्थिरता तथा महामारी की चुनौतियों से घिरे युग
में उल्लेखनीय है। उन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी आवाज बुलंद करने की इच्छा
रखने वाले देश से अब वैश्विक मंच का निर्माण करने वाले देश तक की भारत की
यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में उनके द्वारा पूर्व में
घोषित 2025 तक 55,000 करोड़ रुपये के निवेश के समक्ष अब तक 50,000 करोड़
रुपये का निवेश किया जा चुका है। अडानी समूह की गुजरात में आगामी 05 वर्ष
में 02 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की योजना की जानकारी दी,
जिससे एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष-परोक्ष रोजगार का सृजन होगा।
जेफरी
चुन: दक्षिण कोरिया स्थित सिमटेक के सीईओ जेफरी चुन ने सेमीकंडक्टर
एसेम्बली तथा टेस्ट सुविधाओं में मुख्य सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में
गुजरात राज्य में अपने मुख्य ग्राहक माइक्रोन के प्रोजेक्ट के चलते
को-लोकेशन इन्वेस्टमेन्ट के रूप में अपने भारत प्रोजेक्ट के लिए खुशी और
उत्साह व्यक्त किया।
एन. चंद्रशेखरन: टाटा संस लिमिटेड के चेयरमैन
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि ‘इतने लंबे समय तक गुजरात की स्थिर और अद्भुत
प्रगति हमारे दूरदर्शी नेतृत्व और हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के
संकल्पों को स्पष्ट रूप से दिखाती है।’ उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के
परिणामस्वरूप जबरदस्त सामाजिक विकास भी हुआ है और गुजरात ने स्पष्ट रूप से
स्वयं को भविष्य के प्रवेश द्वार (गेटवे टू द फ्यूचर) के रूप में स्थापित
किया है। उन्होंने गुजरात में ईवी वाहनों, बैटरी उत्पादन, सी295 डिफेंस
एयरक्राफ्ट और सेमीकंडक्टर फैब, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, स्किल बिल्डिंग
जैसे क्षेत्रों में समूह के विस्तार की योजना के बारे में भी बात की।
उन्होंने कहा कि, ‘टाटा समूह के लिए गुजरात सबसे महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन में
से एक है और हम इसकी विकास यात्रा में अहम भूमिका निभाएंगे।’
सुल्तान
अहमद बिन सुलेयम: डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन सुल्तान अहमद बिन सुलेयम ने भारत
और यूएई के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
वर्ष 2017 से अब तक 2.4 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने वाला यूएई गुजरात
के सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में से एक है। उन्होंने यह उल्लेख भी किया कि
गुजरात ने गत वर्ष सात अरब अमेरिकन डॉलर डॉलर से अधिक मूल्य की वस्तुओं का
निर्यात किया था। दुनिया में सबसे तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था
के रूप में भारत को ध्यान में रखते हुए सुलेयम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी
के मजबूत नेतृत्व में यह वृद्धि जारी रहेगी।
शंकर त्रिवेदी:
एनविडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शंकर त्रिवेदी ने आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव की बात करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री इस
बात को लेकर बहुत ही सजग हैं। उन्होंने बताया कि एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन
हुआंग को भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों एवं नेताओं को इस संबंध में
जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार
है कि जब किसी वैश्विक नेता ने वास्तव में एआई के बारे में बात की।
उन्होंने आगे कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं कि
उन्होंने भारत में ही, यहां गुजरात में भी जनरेटिव एआई को अपनाने के लिए
प्रयास किए हैं। उन्होंने जनरेटिव एआई के संदर्भ में कौशल विकास में
एनविडिया के प्रयासों का भी उल्लेख अपने संबोधन में किया।
निखिल
कामथ: जिरोधा के संस्थापक और सीईओ निखिल कामथ ने पिछले दो दशक में देश के
सर्वांगीण विकास पर रोशनी डाली। उन्होंने एक उद्यमी के रूप में अपनी यात्रा
की तुलना की और कहा कि पिछले 10 वर्ष अविश्वसनीय रहे हैं। उन्होंने देश के
स्टार्टअप इकोसिस्टम और छोटे उद्यमियों एवं ई-कॉमर्स के उदय की सराहना की,
जो 10 वर्ष पहले मौजूद नहीं थे। उन्होंने भारत में स्टार्टअप्स को विकसित
होने और उनके विकास के लिए स्थिर इकोसिस्टम की सुविधा श्रेय प्रधानमंत्री
नरेन्द्र मोदी को दिया।





