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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:57 · नई दिल्ली संस्करण

कांग्रेस पार्टी डूबती हुई नाव है, जो चढ़ेगा उसका डूबना तय :गिरिराज सिंह

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
कांग्रेस पार्टी डूबती हुई नाव है, जो चढ़ेगा उसका डूबना तय :गिरिराज सिंह

कांग्रेस पार्टी डूबती हुई नाव है, जो चढ़ेगा उसका डूबना तय :गिरिराज सिंह

पटना।बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने वक्फ बोर्ड और मस्जिदों की तरह सभी मंदिरों को भी सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि डूबती नाव पर जो चढ़ेगा, उसका डूबना तय है।इसके साथ ही गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पार्टी परिवारवाद का सबसे बड़ा परिचायक है। कांग्रेस के अंदर उनके संविधान नाम की कोई चीज नहीं है। संविधान का पालन जब पार्टी के अंदर नहीं हो रहा है तो राहुल गांधी कहां से उल जलूल बातें रख रहे हैं। कांग्रेस पार्टी आज की तारीख में बहादुर शाह जफर की तरह मुगलिया सल्तनत की अंतिम कड़ी है, अंतिम फेज है।गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी से उम्मीदवार भाग रहे हैं, चाहे इंदौर के उम्मीदवार हों या दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली के प्रदेश इस्तीफा दे रहे हैं। कांग्रेस डूबती हुई नाव है, इस नाव पर जो चढ़ेगा उसका क्या होगा। मुझे आश्चर्य हो रहा है कि कुछ लोग डूबती हुई नाव पर चढ़कर जा रहे हैं, उनका डूबना तय।गिरिराज सिंह ने कहा कि आजादी के बाद से ही सनातन धार्मिक स्थलों को ऐसा दुर्व्यवहार किया गया कि राज्यों में इनके ऊपर ट्रस्ट बनाया गया। मंदिरों के महंत के हाथ-पैर बांध दिए गए, कभी जो धार्मिक गतिविधि चलता थी, सामाजिक गतिविधि चलती थी।उन्होंने कहा कि मंदिरों में सनातन के उत्थान के लिए काम होता था, सरकारी इंटरफेयर के कारण वह सभी गतिविधि रुक गई। वहीं, मस्जिदों में वक्फ बोर्ड एक ऐसा संस्था बन गया कि बिहार ही नहीं पूरे देश में वक्फ बोर्ड लोगों की जमीन पर अपना अधिकार जमाने लगा।जबकि कांग्रेस को चाहिए था कि आजादी के तुरंत बाद जो लोग यहां से गए उनकी जमीन पाकिस्तान से आए विस्थापित हिंदू को दे देने की जरूरत थी।गिरिराज सिंह ने कहा कि आज जमींदार की भूमिका में सरकारी संरक्षण में वक्फ बोर्ड है, उनके ऊपर कोई बंदिश नहीं है। हमारे मंदिरों को स्वतंत्र करो, उन्हें मस्जिद और वक्फ बोर्ड की तरह स्वतंत्र करने की जरूरत है। यह मांग धार्मिक केंद्रों से सनातन को बचाने के लिए हो रहा है, मैं इसका समर्थन करता हूं, क्योंकि अब मंदिरों के ऊपर बंदिश नहीं रहे।

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