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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

'फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, नहीं तो होगी कार्रवाई', सीएम सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों को दी चेतावनी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
'फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य, नहीं तो होगी कार्रवाई', सीएम सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों को दी चेतावनी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की पहल शुरू की है। उन्होंने राज्य के निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई निर्देश देते हुए चेतावनी भी दी है।

सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन किसी भी ऐसे स्कूल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा, जो मनमाने ढंग से फीस बढ़ाता है या अनावश्यक शुल्क वसूलता है। सरकार के इस कदम से उन लाखों अभिभावकों को भारी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं और उनसे फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा, "निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की पहल। प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने और छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निजी विद्यालयों को फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य है, मनमानी बढ़ोतरी व अनावश्यक शुल्क पर रोक लगाया जाएगा।"

उन्होंने आगे बताया कि इसके साथ ही किताबें-यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता होगी, छात्रों को फीस बकाया पर भी परीक्षा परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने साफ चेतावनी भी दी कि आदेश का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनेगी।

बता दें कि पटना सहित अन्य जिलों के कई निजी स्कूल अभिभावकों पर दबाव डालते हैं कि वे महंगी पाठ्यपुस्तकें और यूनिफॉर्म केवल कुछ खास दुकानों या विक्रेताओं से ही खरीदें। इसकी शिकायत लगातार सरकार के पास पहुंचती रही है। फीस को लेकर भी निजी स्कूलों पर मनमानी का आरोप लगता रहा है।

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