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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:32 · नई दिल्ली संस्करण

लोहरदगा लोकसभा सीट पर चमरा लिंडा की इंट्री से बीजेपी का रास्ता साफ, कांग्रेस फंसी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लोहरदगा लोकसभा सीट पर चमरा लिंडा की इंट्री से बीजेपी का रास्ता साफ, कांग्रेस फंसी

लोहरदगा लोकसभा सीट पर चमरा लिंडा की इंट्री से बीजेपी का रास्ता साफ, कांग्रेस फंसी

रांची: लोहरदगा लोकसभा सीट पर चमरा लिंडा की इंट्री से इंडिया गठबंधन सकते मे है। कांग्रेस लोहरदगा सीट पर फंसती दिख रही है। इंडिया गठबंधन के तहत लोहरदगा सीट कांग्रेस के खाते में गई थी,परंतु यहां से झामुमो के विधायक चमरा लिंडा ने नामांकन कर कांग्रेस का खेल बिगाड़ दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी सुखदेव भगत आज नामांकन करेगें। इस हालत में बीजेपी उम्मीदवार समीर उरांव का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस के रणनीतिकारों में प्रत्याशी का एलान करने के पहले झामुमो को विश्वास में लिया था? और यदि यह फैसला दोनों दलों की आपसी सहमति के बाद लिया गया था, तो क्या यह माना जाय कि चमरा लिंडा को झामुमो का वरदहस्त प्राप्त है? और यदि यह चमरा का अपना फैसला है तो झामुमो ने चमरा लिंडा के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? अनुशासनहीनता का चाबूक क्यों नहीं चलाया? दरअसल खबर यह है कि झामुमो इस सीट को कांग्रेस को देने के पक्ष में ही नहीं थी, उसकी मंशा इस सीट से चमरा लिंडा को मुकाबले में उतारने की थी, वैसे भी लोहरदगा लोकसभा के अंतर्गत आने वाली कुल छह विधान सभाओं में झामुमो का तीन पर कब्जा है। और चमरा लिंडा इसके पहले भी निर्दलीय मैदान में कूद कर दूसरे स्थान पर पहुंच चुके थें, हालांकि वर्ष 2019 के मुकाबले में सुखदेव भगत को महज 10 हजार से मात मिली थी, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि उस वक्त चमरा लिंडा मैदान में नहीं थें।इस हालत में क्या प्रत्याशी का एलान के पहले कांग्रेस को झामुमो के साथ सब कुछ साफ नहीं कर लेना चाहिए था? अब यदि चमरा लिंडा की इंट्री से कांग्रेस का खेल बिगड़ता है तो क्या भाजपा को बैठे बिठाये सब कुछ हासिल नहीं हो जायेगा।

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