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शिक्षा से आत्म-साक्षात्कार की ओर: मोदी सरकार की डिजिटल पहल 'TALASH' आदिवासी छात्रों को बना रही है आत्मनिर्भर और सशक्त

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शिक्षा से आत्म-साक्षात्कार की ओर: मोदी सरकार की डिजिटल पहल 'TALASH' आदिवासी छात्रों को बना रही है आत्मनिर्भर और सशक्त

शिक्षा से आत्म-साक्षात्कार की ओर: मोदी सरकार की डिजिटल पहल 'TALASH' आदिवासी छात्रों को बना रही है आत्मनिर्भर और सशक्त

नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शिक्षा को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आत्म-साक्षात्कार, आत्मविश्वास और जीवन कौशल से जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया है। इसी सोच की एक प्रभावशाली परिणति है — TALASH (Tribal Aptitude, Life Skills and Self-Esteem Hub)। यह एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल पहल है, जो देशभर के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में अध्ययनरत 1.38 लाख से अधिक जनजातीय छात्रों को शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और जीवन कौशल में प्रशिक्षित कर रही है।

इस योजना को राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) द्वारा UNICEF भारत के सहयोग से लागू किया गया है। इसका उद्देश्य आदिवासी छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें उनकी स्वयं की क्षमताओं और रुचियों की पहचान कराकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में तैयार करना भी है।

TALASH एक ऐसा मंच है जो छात्रों को आत्म-मूल्यांकन, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व विकास में प्रशिक्षित करता है। यह पहल विद्यार्थियों को न केवल बेहतर करियर चुनने में सहायता करती है, बल्कि उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करती है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चों में ‘क्या बनना है’ से पहले ‘मैं कौन हूं’ की समझ विकसित की जा रही है, जो शिक्षा के मूल उद्देश्य को नया अर्थ देती है।

यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें शिक्षा केवल रोज़गार का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसे राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया है जो हर छात्र को सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाए। TALASH, आदिवासी समुदाय के बच्चों को वह मंच दे रहा है जहाँ वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों के साथ तकनीकी और आधुनिक भारत की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

इस पहल से मोदी सरकार की शिक्षा नीति ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को धरातल पर उतार रही है। 'TALASH' केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक ऐसी क्रांतिकारी सोच है जो आदिवासी छात्रों की संभावनाओं की खोज कर रही है — ताकि वे न केवल अपनी पहचान बना सकें, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माता भी बन सकें।

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