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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:06 · नई दिल्ली संस्करण

बस्तर में स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आए, मेकॉज में भर्ती मरीजों का इलाज जारी

बस्तर में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में एच-1, एन-1 से संक्रमित 04 मरीज इलाज के लिए भर्ती हैं।

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बस्तर में स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आए, मेकॉज में भर्ती मरीजों का इलाज जारी

बस्तर में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में एच-1, एन-1 से संक्रमित 04 मरीज इलाज के लिए भर्ती हैं। इनमें दो मरीज जगदलपुर, एक कोंडागांव और एक ओडिशा का निवासी है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में मरीजों को अलग रखकर उपचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज सहित जिले के अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गये हैं। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए आरटी-पीसीआर की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जा रही है। इसके साथ ही अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली टैमीफ्लू की गोलियां और सिरप पर्याप्त मात्रा में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

जगदलपुर के सीएचएमओ डा. संजय बसाक के अनुसार, स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी-दस्त की शिकायत भी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं से दवा लेने के बजाय अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी गई है। उन्हाेने भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, बाहर से आने के बाद हाथ साफ करने और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढंकने की अपील की है। खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उल्लेखनीय है कि, बस्तर की सीमा ओडिशा से लगी है और दोनों राज्यों के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, फिलहाल ओडिशा सीमा पर स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के कारण संक्रमण की निगरानी जरूरी है। हालांकि अभी ओडिशा सीमा पर जांच को लेकर कोई व्यवस्था शुरू नहीं की गई है।

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