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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:35 · नई दिल्ली संस्करण

मल्टीपल बैंक लोन के नाम पर 14 करोड़ों की ठगी , पांच आराेपित गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
मल्टीपल बैंक लोन के नाम पर 14 करोड़ों की ठगी , पांच आराेपित गिरफ्तार

कोंडागांव। जिले की फरसगांव एवं केशकाल पुलिस ने मल्टीपल बैंक लोन दिलाने के नाम पर शिक्षकों और अन्य पीड़िताें से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले संगठित गिरोह के पांच आरोपितों को आज गुरूवार काे गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरोह ने अलग-अलग मामलों में 14 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है। पुलिस की विशेष टीम ने करीब तीन महीने तक बैंक खातों, लेन-देन, दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर आरोपिताें काे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपिताें में शिवशंकर दास निवासी अंबिकापुर, दिलीप कुमार सोनी निवासी अंबिकापुर, विरेन्द्र तिर्की निवासी कोंडागांव-जशपुर, श्यामसुंदर जांगड़े निवासी सारंगढ़ एवं अंशुमान सिंह निवासी बिलासपुर-अंबिकापुर शामिल हैं।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार फरसगांव और केशकाल थानों में पीडि़तों की शिकायत पर दर्ज चार मामलों में आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक एजेंटों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है। आरोपिताें ने उन्हें विभिन्न बैंकों से एक साथ कई पर्सनल लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोपिताें ने लोन राशि का 40 प्रतिशत हिस्सा पीडि़तों को देकर शेष 60 प्रतिशत राशि अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर करा ली। साथ ही यह भरोसा दिलाया गया कि दो से तीन वर्षों में वे पूरी ईएमआई का भुगतान कर देंगे, लेकिन बाद में सभी आरोपित फरार हो गए।

पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह कई वर्षों से योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर फरसगांव, केशकाल, बड़ेडोंगर, धनोरा और विश्रामपुरी क्षेत्र के शिक्षकों को निशाना बना रहा था। आरोपिताें ने एसबीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई, यस बैंक, आईडीएफसी, आईडीबीआई, चोलामंडलम और ग्रामीण बैंकों सहित कई वित्तीय संस्थानों से एक ही समय में कई लोन स्वीकृत कराए। जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोन स्वीकृत कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, डायरी, रजिस्टर, लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

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