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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:37 · नई दिल्ली संस्करण

सावन का पहला सोमवार: दिल्ली से हरिद्वार तक शिव मंदिरों में तड़के से लंबी कतारें

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
सावन का पहला सोमवार: दिल्ली से हरिद्वार तक शिव मंदिरों में तड़के से लंबी कतारें

हरिद्वार। सावन के पवित्र महीने के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तराखंड के हरिद्वार से लेकर उत्तर प्रदेश के अयोध्या, हापुड़ और ग्रेटर नोएडा तक, वहीं दिल्ली के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह तड़के से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। भक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना कर रहे हैं।

हरिद्वार के प्रसिद्ध दक्षेश्वर महादेव मंदिर में सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतार में लग रहे। सावन के पहले सोमवार के कारण मंदिर में भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर प्रशासन ने दर्शन और पूजा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

दक्षेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी विनोद ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पूरे महीने भगवान शिव प्रतीकात्मक रूप से दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान रहते हैं और यहीं से सृष्टि का संचालन करते हैं। यही वजह है कि सावन में इस मंदिर का महत्व कई गुना बढ़ जाता है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

महामंडलेश्वर संतोषी माता ने भी कनखल स्थित इस पवित्र स्थल के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से यह स्थान सदियों से आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है और सावन के महीने में यहां पूजा-अर्चना का विशेष फल मिलता है।

मंदिर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि दक्षेश्वर महादेव मंदिर को भगवान शिव का ससुराल माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सावन के पूरे महीने भगवान शिव यहां निवास करते हैं और सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसी विश्वास के साथ हर साल हजारों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक करने आते हैं।

उधर, उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में भी सावन के पहले सोमवार पर लाखों श्रद्धालु उमड़े। भक्तों ने सबसे पहले सरयू नदी में पवित्र स्नान किया और उसके बाद नागेश्वर नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

हापुड़ के प्राचीन सिद्ध पीठ श्री सबली महादेव मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं।

मंदिर के पुजारी पंडित रवि शंकर शुक्ला ने बताया कि यह मंदिर जिले के सबसे प्रतिष्ठित शिव मंदिरों में से एक है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए सावन के पहले सोमवार पर यहां विशेष भीड़ उमड़ती है।

ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव स्थित प्रसिद्ध रावण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बिसरख को रावण का जन्मस्थान माना जाता है। यहां मौजूद स्वयंभू शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि उसकी गहराई आज तक कोई नहीं जान पाया है। धार्मिक मान्यता यह भी है कि रावण ने इसी शिवलिंग की कठोर तपस्या कर भगवान शिव को अपने सिर अर्पित किए थे, जिसके बाद उसे 10 सिरों से जुड़ी अद्भुत शक्ति का वरदान मिला था।

इसी वजह से सावन के दौरान यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। तुगलकाबाद के प्राचीन शिव मंदिर और ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं।

श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

गौरी शंकर मंदिर पहुंचे एक श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह छह बजे मंदिर पहुंचे थे, लेकिन तब तक भी दर्शन के लिए लंबी लाइन लग चुकी थी। उन्होंने कहा कि वह रोज मंदिर आते हैं, लेकिन सावन के पहले सोमवार जैसी भीड़ उन्होंने लंबे समय बाद देखी है।

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