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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

जॉब छोड़ने के बाद EPF पर कब तक मिलता है ब्याज? जानिए EPFO का नया नियम

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
जॉब छोड़ने के बाद EPF पर कब तक मिलता है ब्याज? जानिए EPFO का नया नियम

अक्सर कर्मचारियों को लगता है कि नौकरी छोड़ते ही उनके भविष्य निधि (ईपीएफ) खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। हालांकि, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने इस आम गलतफहमी को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि ईपीएफ पर ब्याज कब तक मिलेगा, यह कर्मचारी की उम्र और रिटायरमेंट की स्थिति पर निर्भर करता है। ईपीएफओ के नए नियमों के अनुसार, हर मामले में ब्याज तुरंत नहीं रुकता, बल्कि कुछ खास प्रावधानों के तहत यह जारी रह सकता है।

55 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर भी मिलता है ब्याज ईपीएफओ के दिशानिर्देशों के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी 55 साल की उम्र से पहले नौकरी छोड़ता है या स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेता है, तो उसके ईपीएफ खाते पर ब्याज तुरंत बंद नहीं होता। ऐसे मामलों में, कर्मचारी को 58 साल की उम्र तक खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस श्रेणी के लिए रिटायरमेंट की तारीख से तीन साल पूरे होने पर खाता निष्क्रिय मानकर ब्याज रोकने का नियम लागू नहीं होता। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति 50 या 52 साल की उम्र में नौकरी छोड़ता है, तो भी उसे 58 साल की आयु तक ईपीएफ जमा पर ब्याज मिलता रहेगा, भले ही नियोक्ता की ओर से नया अंशदान न हो।

55 साल या उससे अधिक उम्र में रिटायरमेंट पर अलग हैं नियम: यदि कोई कर्मचारी 55 साल या उससे अधिक की उम्र में रिटायर होता है, तो उसके ईपीएफ खाते पर ब्याज मिलने की अवधि अलग होती है। ऐसे मामलों में, रिटायरमेंट की तारीख से 36 महीने (तीन साल) पूरे होने के बाद ईपीएफ खाता निष्क्रिय हो जाता है और उसके बाद ब्याज मिलना बंद हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई कर्मचारी 58 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसे 61 साल की उम्र तक ब्याज मिलेगा। इसी तरह, 60 साल में रिटायर होने वाले कर्मचारी का खाता 63 साल की उम्र में निष्क्रिय होगा। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि खाते के निष्क्रिय होने का मतलब यह नहीं है कि उसमें जमा पैसा खत्म हो जाता है, बल्कि वैध दावे पर कर्मचारी को नियमों के तहत रकम का भुगतान किया जाता है।

नौकरी बदलने वाले और रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए सलाह: ईपीएफओ सलाह देता है कि नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को अपने पुराने ईपीएफ खाते की राशि को नए खाते में ट्रांसफर करा लेना चाहिए। वहीं जो कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं, वे लागू नियमों के तहत अपनी ईपीएफ राशि निकाल सकते हैं। कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) और ईपीएफ रिकॉर्ड को हमेशा अपडेट रखें, ताकि भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सके। यह जानना जरूरी है कि आपकी उम्र और रिटायरमेंट की स्थिति के हिसाब से ईपीएफ पर ब्याज कब तक मिलेगा, ताकि सही समय पर उचित वित्तीय निर्णय लिया जा सके।

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