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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:18 · नई दिल्ली संस्करण

चुनाव आयोग ने असम-केरल-पुडुचेरी के लिए 282 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
चुनाव आयोग ने असम-केरल-पुडुचेरी के लिए 282 केंद्रीय पर्यवेक्षकों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिए नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. एस. एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी ने सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इन तीन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 282 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। इनमें असम के लिए 136, केरल के लिए 108 और पुडुचेरी के लिए 38 पर्यवेक्षक शामिल हैं। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने जोर देकर कहा कि चुनाव उत्सवी माहौल में, निष्पक्ष, स्वतंत्र और भयमुक्त वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

किसी भी प्रकार की धमकी, हिंसा या प्रलोभन को सख्ती से रोका जाए।

आयोग ने पर्यवेक्षकों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट की सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोई भी उल्लंघन होने पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर पर्यवेक्षकों के संपर्क नंबर और शिकायत सुनवाई का समय प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

पर्यवेक्षकों को मतदान प्रक्रिया की निगरानी में विशेष ध्यान देने को कहा गया है। इसमें प्रेसिडिंग अधिकारियों के प्रशिक्षण की जांच, 2 घंटे में मतदाता टर्नआउट की जानकारी अपलोड करना, पोलिंग बूथ पर इंडेलिबल इंक का सही इस्तेमाल और फॉर्म 17-सी का सही भरना और साझा करना शामिल है। मतदान एजेंटों की मौजूदगी, मॉक पोल का आयोजन और मतदान सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन डिपॉजिट सुविधा, वोटर कतारों के लिए बेंच और न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही, वेबकास्टिंग मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम को ठीक से चेक करने और वहां तैनात स्टाफ को त्रुटियों को पहचानने व रिपोर्ट करने का प्रशिक्षण देने को कहा गया है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को होने हैं। तीनों जगहों पर एक ही चरण में मतदान होगा। केंद्रीय पर्यवेक्षकों को चुनाव व्यय की निगरानी, अवैध प्रचार, नकद बांटने और शराब-मांस जैसी प्रलोभन सामग्री पर सख्त नजर रखने को कहा गया है।

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