शिक्षा विभाग और राजभवन आमने-सामने -केके पाठक ने कुलपतियों की बैठक की तिथि बढ़ायी

शिक्षा विभाग और राजभवन आमने-सामने
-केके पाठक ने कुलपतियों की बैठक की तिथि बढ़ायी
-अब 15 मार्च को होगी मीटिंग
पटना।राजभवन और केके पाठक के शिक्षा विभाग में टकराव बढ़ता हीं जा रहा है। एक तरफ राजभवन ने बिहार के सभी कुलपतियों को बिना उनकी जानकारी के शहर छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने कुलपतियों ,कुलसचिवों की बैठक बुलाई है।ये बैठक शनिवार को होने वाली थी। हालाकि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों और परीक्षा नियंत्रकों की शनिवार को होने वाली बैठक शिक्षा विभाग ने 15 मार्च तक बढ़ा दिया है।विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों को नौ मार्च यानी शनिवार को होने वाली बैठक के नहीं होने की सूचना दे दी गई।बैठक की तिथि बढ़ाने की औपचारिक सूचना शिक्षा विभाग की उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी ने शनिवार को सभी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को दी।विश्वविद्यालयों में लंबित परीक्षाओं की समीक्षा के लिए होने वाली यह बैठक अब 15 मार्च को 12 बजे दिन में बुलायी गयी है। इससे पहले विश्वविद्यालयों में परीक्षा-रिजल्ट को लेकर शिक्षा विभाग ने 28 फरवरी को कुलपतियों,कुलसचिवों और परीक्षा नियंत्रकों की बैठक बुलायी थी।बैठक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की अध्यक्षता में होनी थी, बैठक में शामिल होने को लेकर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने कुलाधिपति से मार्गदर्शन मांगा था।राजभवन ने अपने मार्गदर्शन में इस बैठक में शामिल होने पर रोक लगा दी थी. उसका अनुपालन सभी विश्वविद्यालयों को करने के निर्देश दिये थे।इसके मद्देनजर बैठक में सिर्फ एक विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं दो विश्वविद्यालयों के परीक्षा नियंत्रक ही शामिल हुए.28 फरवरी की बैठक में सम्मलित नहीं होने वाले सभी कुलपतियों, कुलसचिवों एवं परीक्षा नियंत्रकों का वेतन बंद करने के साथ ही शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों के खातों के संचालन पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी।उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। केके पाठक के शिक्षा विभाग के इस निर्देश को राजभवन ने निरस्त कर दिया था।





