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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:43 · नई दिल्ली संस्करण

ईसीआई ने 'वोट चोरी' के सबूत को किया खारिज, 'लोगों को गुमराह कर रहे राहुल गांधी'

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
ईसीआई ने 'वोट चोरी' के सबूत को किया खारिज, 'लोगों को गुमराह कर रहे राहुल गांधी'

नई दिल्ली,। कांग्रेस ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वीडियो को शेयर कर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। भारत निर्वाचन आयोग फैक्ट चेक ने इस वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत निर्वाचन आयोग फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान झूठे और भ्रामक हैं। राहुल गांधी कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहे हैं और नागरिकों को जितना हो सके गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर उन्हें नेटिजन्स (इंटरनेट पर सक्रिय लोग) के लिए प्रसारित की जा रही सूची पर सचमुच विश्वास है तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करने और बिना इंतजार किए सीईओ कर्नाटक को जवाब देने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

ईसीओ फैक्ट चेक ने कहा कि राहुल गांधी के पास दो विकल्प हैं। पहला, अगर वह अपने विश्लेषण पर विश्वास करते हैं और मानते हैं कि चुनाव कर्मचारियों के विरुद्ध उनके आरोप सत्य हैं तो उन्हें विशिष्ट मतदाताओं के विरुद्ध दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने एवं निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के नियम 20(3)(ख) के अनुसार घोषणा या शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

दूसरा, अगर राहुल गांधी घोषणा पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो इसका अर्थ होगा कि उन्हें अपने विश्लेषण और परिणामी निष्कर्षों पर विश्वास नहीं है और वे बेतुके आरोप लगा रहे हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें राष्ट्र से क्षमा याचना करनी चाहिए। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए उन मुद्दों की घोषणा पर हस्ताक्षर करें, जिन्हें आप सत्य मानते हैं या फिर राष्ट्र से क्षमा याचना करें।

इससे पहले कांग्रेस ने राहुल गांधी के वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'वोट चोरी' का तरीका फर्जी और अमान्य है। बीते दिनों राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'वोट चोरी' के तरीके बताए। अब ये सबूत देखिए, इस लिस्ट में 30,000 से ज्यादा अवैध पते हैं। ये सिर्फ 1 लोकसभा की 1 विधानसभा का हाल है।

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