मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:39 · नई दिल्ली संस्करण

उज्जैनः आधी रात को खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, त्रिकाल पूजा के बाद दर्शन शुरू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

उज्जैन। नागपंचमी के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर के शिखर पर स्थित नागचंद्रेश्वर ‎मंदिर के पट गुरुवार रात 12 बजे खोल दिए गए। पट खुलने के बाद सबसे पहले श्री पंचायती ‎महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरिजी महाराज और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष व उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने त्रिकाल पूजा शुरू की। त्रिकाल पूजा के बाद यहां दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ, जो शुक्रवार की रात 12 बजे तक चलेगा।दरअसल, नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट नागपंचमी पर्व पर साल में केवल एक बार 24 घंटे के लिए ही खुलते है। गुरुवार देर रात 12 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद करीब एक घंटे तक त्रिकाल पूजा चली और फिर भोग लगाने के बाद आम लोगों को दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश दिया गया। भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए गुरुवार शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। श्रद्धालु यहां 24 घंटे यानी 9 अगस्त की रात 12 बजे‎ तक दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर में आने का अनुमान है।शुक्रवार दोपहर 12 बजे ‎श्री पंचायती ‎महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से पूजन किया जाएगा। इसी दिन महाकालेश्वर ‎की संध्या आरती के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ‎की ओर से मंदिर के पुजारी और पुरोहित पूजन करेंगे।‎ भगवान नागचंद्रेश्वर को शुक्रवार दोपहर में दाल - बाटी का भोग लगाया जाएगा। पंचांग तिथि अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन ही मंदिर के पट खुलने की परंपरा चली आ रही है। मान्यता है कि नाग पंचमी पर नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने के बाद व्यक्ति सभी प्रकार के सर्पदोष से मुक्त हो जाता है। इसलिए नागपंचमी के दिन खुलने वाले इस मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगती है।नागचंद्रेश्वर मंदिर काफी प्राचीन है। इतिहास में उल्लेख है कि परमार वंश के राजा भोज ने 1050 ईस्वी के लगभग इस मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद तत्कालीन सिंधिया घराने के महाराज राणोजी सिंधिया ने 1732 में महाकाल मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था। उस समय इस मंदिर शिखर का भी जीर्णोद्धार हुआ था। आज भी नागपंचमी के दिन यहां त्रिकाल पूजा होती है। वहीं तहसील पूजा एवं महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की ओर से पण्डे-पुजारियों द्वारा पूजा की जाती है। यहां पट खुलने पर पूजन का अधिकार पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा को है। जो भेंट आती है, उसका अंश भाग महाकाल मंदिर प्रबंध समिति का रहता है,बाकी चढ़ावा अखाड़े को जाता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें