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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:39 · नई दिल्ली संस्करण

घबराहट में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी न करेंः राजनाथ सिंह

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
घबराहट में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी न करेंः राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात और उसके भारत पर संभावित प्रभावों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (आईजीओएम) की एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।

इस दौरान देशवासियों से अपील की गई है कि वे किसी घबराहट में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि देश में सप्लाई चैन की स्थिति सामान्य बनी हुई है। बैठक में पश्चिम एशिया में उभरते सुरक्षा परिदृश्य, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों, परिवहन व्यवस्था तथा आवश्यक सेवाओं पर संभावित प्रभावों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्ध विराम की स्थिति है, लेकिन फिर भी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। बैठक के उपरांत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती की समीक्षा के लिए मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (आईजीओएम) की छठी बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने उत्कृष्ट कार्य किया है।

मंत्री समूह ने कठिन परिस्थितियों में दूरदर्शी सोच और प्रभावशाली नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में वर्तमान समय में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें, क्योंकि सरकार सभी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है।

बैठक में इस बात की समीक्षा की गई कि यदि क्षेत्रीय तनाव और बढ़ता है तो भारत की ऊर्जा जरूरतों, पेट्रोलियम आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर क्या असर पड़ सकता है। इसके साथ ही विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा आवश्यकता पड़ने पर निकासी संबंधी तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, सर्वानंद सोनोवाल और मनोहर लाल खट्टर शामिल रहे।

बता दें कि ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में बने घटनाक्रम पर केंद्र सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि देश में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया भारत के लिए सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से प्राप्त करता है। ऐसे में वहां की स्थिति पर केंद्र सरकार की करीबी निगरानी और उच्चस्तरीय समन्वय को बेहद अहम माना जा रहा है।

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