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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

3.65 अरब वर्ष पुरानी चट्टान मिलने से बस्तर को मिली नई पहचान, भोपालपटनम की खोज को महेश कश्यप ने बताया गौरव का विषय

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
3.65 अरब वर्ष पुरानी चट्टान मिलने से बस्तर को मिली नई पहचान, भोपालपटनम की खोज को महेश कश्यप ने बताया गौरव का विषय

जगदलपुर। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र के जंगल में लगभग 3.65 अरब वर्ष पुरानी चट्टान मिलने की खबर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बस्तर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। वैज्ञानिकों ने इस चट्टान की आयु करीब 3.65 अरब वर्ष आंकी है।

यह खोज भारत के भू वैज्ञानिक इतिहास को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर की धरती में छिपा अरबों वर्षों का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और गौरव की अमूल्य धरोहर है। इस विरासत को संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता,जनजातीय संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि इसकी धरती अपने भीतर करोड़ों अरबों वर्षों का इतिहास भी समेटे हुए है। भोपालपटनम क्षेत्र से सामने आया यह प्रमाण बस्तर की भू वैज्ञानिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने वाला है।

उन्होंने कहा कि पृथ्वी के प्रारंभिक इतिहास से जुड़ी इतनी प्राचीन चट्टानों की मौजूदगी बस्तर को भू वैज्ञानिक अध्ययन और शोध के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है।

वैज्ञानिक शोध के माध्यम से इस क्षेत्र की भू वैज्ञानिक विशेषताओं को और अधिक समझने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि बस्तर में प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक विरासत से जुड़े ऐसे अनेक स्थल मौजूद हैं, जिन पर व्यापक शोध, संरक्षण और दस्तावेजीकरण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि संबंधित वैज्ञानिक संस्थानों एवं विशेषज्ञों से समन्वय कर बस्तर की भू वैज्ञानिक संपदा के वैज्ञानिक अध्ययन,संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण की दिशा में आवश्यक पहल के लिए संबंधितों को निर्देशित किया जाएगा।

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