मुर्दे से भी भू - माफियाओं ने लिखवा लिया 4.30 एकड़ जमीन! अपर समाहर्ता के आदेश के बाद भी तरहसी सीओ की मनमानी, डिमांड नहीं किया स्थगित

मुर्दे से भी भू - माफियाओं ने लिखवा लिया 4.30 एकड़ जमीन!
अपर समाहर्ता के आदेश के बाद भी तरहसी सीओ की मनमानी, डिमांड नहीं किया स्थगित
न्याय पाने के लिए दर दर भटक रहे हैं मूल रैयत, भू माफिया दे रहे हैं जान मारने की धमकी
मेदिनीनगर : भू - माफियाओं का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे मुर्दों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। मरने के कई साल बाद भी भू- माफियाओं ने मुर्दे से भी जमीन लिखवा ले रहे हैं। यही नहीं अधिकारियों की मिली भगत से भू - माफिया कानून को दरकिनार करते हुए जमीन का मोटेशन करवा कर रसीद भी कटवा ली। वहीं जमीन का मूल रैयत न्याय पाने लिए दर-दर भटक रहे हैं लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। बल्कि भू - माफियाओं के द्वारा मूल रैयत को जान मारने की खुलेआम धमकी दी जा रही है और अधिकारी इस पर चुपी साधे बैठे हैं। सबसे बड़ी बात है की अपर समाहर्ता के आदेश के बाद भी संबंधित अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बल्कि मूल रैयत को ही उल्टे कानून का पाठ पढ़ा रहे हैं। यह पूरा मामला तरहसी प्रखंड क्षेत्र के टरिया पंचायत के तिरौंधा गांव का हैं। दरअसल पलामू जिले के नीलांबर पितांबरपुर (लेस्लीगंज) थाना क्षेत्र के कमलकेड़िया निवासी बैद्यनाथ शुक्ला ने तरहसी सीओ को पत्रांक 372 दिनांक 05.07.2023 और पलामू उपायुक्त पत्रांक 1414/13.10.2023 को जमीन का जमाबंदी स्थगित करने का आवेदन दिया था। उपायुक्त को दिए आवेदन में बैद्यनाथ शुक्ला ने कहा है कि उनका जमीन तरहसी थाना क्षेत्र के तिरौंधा गांव के खाता 26 प्लॉट 83, 180, 241, 246, 252, 271, 272, 283, 311, 319, 320, 332 जिसका कुल रकबा 4.52 एकड़ भूमि हैं। टिरवा गांव निवासी विद्या पांडेय पिता बेलास पांडेय, शांति देवी, पति विद्या पांडेय, तेलडीहा निवासी सच्चिदानंद पांडे पिता स्वर्गीय आदित्य पांडेय ने फर्जीवाड़ा कर कुल 4.30 एकड़ जमीन अपने नाम पर करवा लिया। विद्या पांडेय पिता बेलास पांडेय 2.04 एकड़, शांति देवी, पति विद्या पांडेय 0.38 एकड़ और सच्चिदानंद पांडे पिता स्वर्गीय आदित्य पांडेय 1.89 एकड़ खरीदा है। बैद्यनाथ शुक्ला का आरोप है कि भू माफिया गलत तरीके से जमीन की खरीद की है। बैद्यनाथ शुक्ला ने बताया कि विद्या पांडेय, शांति देवी आदि भू माफियाओं ने समुंद्री देवी से 1999 में जमीन खरीदी किया है। जबकि समुंद्री देवी की मृत्यु 16 साल पहले 1983 में हो चुकी है। ऐसे में समुंद्री देवी जमीन कैसे बिक्री कर सकती है। अपर समाहर्ता ने भी समुंद्री देवी की मौत 1983 में होने की बात कहीं हैं और विद्या पांडेय पिता बेलास पांडेय, शांति देवी, पति विद्या पांडेय, तेलडीहा निवासी सच्चिदानंद पांडे पिता स्वर्गीय आदित्य पांडेय आदि का केवाला और जमाबंदी को अवैध करार दिया है। अपर समाहर्ता ने केवाला - जमाबंदी को अवैध करार देते हुए जमाबंदी को तत्काल स्थगित करने का आदेश दिया। बैद्यनाथ शुक्ला ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़ा खेल का मुख्य मास्टरमाइंड सच्चिदानंद पांडेय हैं। जिन्होंने गलत तरीके से जमीन का खरीद कर अंचल कार्यालय के अधिकारी को गुमराह कर पैसा पवार के बल पर अपर समाहर्ता के आदेश का अनुपालन नहीं होने दे रहे हैं। बैद्यनाथ शुक्ला ने तरहसी सीओ पर अपर समाहर्ता के आदेश को दरकिनार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि तरहसी सीओ 05.07.2023 को जमीन की जमाबंदी स्थगित करने के लिए आवेदन दिया था। लेकिन तरहसी सीओ जमाबंदी स्थगित करने के बजाए 17.07.2023 को भू माफियाओं को जमीन की रसीद काट दिया। बैद्यनाथ शुक्ला ने आरोप लगाया है कि भू माफियाओं के द्वारा उन्हें जान से मारने की खुलेआम धमकी दिया जा रहा है। भू माफियाओं की धमकी के डर से बैद्यनाथ शुक्ला जमीन पर जाना छोड़ दिए हैं।
बता दें कि बैद्यनाथ शुक्ला का तरहसी के टीरवा में नानी का घर है। उन्हें मामा नहीं है। जमीन का पूरा हक बैद्यनाथ शुक्ला का हैं। बैद्यनाथ शुक्ला के मौसी समुंद्री देवी की मृत्यु 1983 में हो गया। जबकि भू माफिया 1999 में फर्जीवाड़ा कर गलत तरीके से समुंद्री देवी से जमीन खरीद किया है। जो सरासर गलत है। मरे हुए व्यक्ति कैसे जमीन बेच सकता है। कहा कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाती है तो कई मामला चौकाने का सामने आएगा।
क्या कहते है तरहसी सीओ वरुण कुमार
तरहसी सीओ वरुण कुमार ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मतगणना के बाद मामले को देख लेंगे। इस तरह का मामला है तो निश्चित नियम संगत कार्रवाई किया जाएगा। जो भी दोषी होंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।





