धमतरी:खरीफ फसल की तैयारी में जुटे डाही अंचल के किसान , खेतों की हो रही तैयारी
धमतरी,।रबी फसल की कटाई - मिंजाई के बाद अब किसान खरीफ फसल की
तैयारी में जुट गए हैं। खेतों की साफ-सफाई कर उसमें गोबर खाद सहित अन्य
रासायनिक उर्वरक डाल रहे हैं। इसके साथ ही साथ सोसाइटियों से खाद का उठाव
भी हो रहा है। मानसून आते ही किसानी कार्य में तेजी आ जाएगी।
धमतरी
अंचल के ग्राम डाही सहित अन्य गांव के किसान अपने खेतों की साफ - सफाई में
जुट गए हैं। रबी फसल लेने के बाद अब खरीफ फसल की तैयारी कर रहे हैं। कई
किसानों ने अपने खेतों की जुताई कर उसे छोड़ दिया है ताकि खेतों में रहने
वाले जीवाणु मर सके। कई किसान खेतों की उर्वरकता को बरकरार रखने गोबर खाद
डाल रहे हैं। ट्रैक्टर व बैलगाड़ी के माध्यम से गोबर खाद खेतों तक ले जा
रहे हैं। जैसे ही वर्षा होनी शुरू होगी खेती किसानी कार्य में गति आ जाएगी।
डाही अंचल के किसान फसल लेने के बाद सूखे पौधों को खेत में ही जला
रहे हैं। इसके चलते पर्यावरण व मृदा प्रदूषण हो रहा है। वहीं इसके चलते
लोगों के स्वास्थ्य पर भी लगातार बुरा असर पड़ रहा है।किसान अंगद राम साहू
ने कहा कि खरीफ फसल की तैयारी सप्ताह भर से जारी है। धान बीज का संग्रहण कर
लिया गया है। अंचल में मानसून की शुरुआत होते ही धान की बोआई कर देंगे।
फिलहाल खेत की जुताई की जा रही है। पोटियाडीह के किसान रामकुमार देवांगन का
कहना है कि इस साल पड़ रही तेज गर्मी से अच्छी वर्षा की उम्मीद है। खेतों
की जुताई का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। किसान चैतूराम निषाद ने बताया कि
वे केवल खरीफ की फसल ही लेते हैं, क्योंकि उनके पास सिंचाई के अन्य साधन
नहीं है । इस साल अच्छी वर्षा की उम्मीद है। खेतों की जुताई कर रहे हैं।
वर्षा होते ही धान बीज को खेतों में छिड़क देंगे। खाद का स्टाफ किया जा
चुका है।किसानों द्वारा फसल की कटाई के बाद बचे हुए पौधों को खेतों में ही
जला रहे हैं , जिससे मृदा का तापमान बढ़ जाता है जो भूमि की उर्वरकता को
बढ़ाने वाले सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देता है।
खाद का किया जा रहा स्टाक
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जून के बाद मानसून का आगमन हो जाएगा। इसको ध्यान में रखते हुए छोटे व बड़े
किसान सोसाइटियों से खाद खरीद कर ले जा रहे हैं। ताकि वर्षा के दिनों में
उन्हें खाद खरीदने के लिए परेशान न होना पड़े। कई किसान प्राइवेट दुकान से
खाद व बीज खरीद रहे हैं। किसान बैदूराम साहू ने कहा कि खरीफ फसल की तैयारी
की जा रही है। धान बीज का संग्रहण कर लिया गया है। इसके अलावा समिति से खाद
भी खरीद चुके हैं। कुछ लोग खेत में फसल अवशेष के साथ पराली जला देते हैं।
डाही के शंकर साहू, निरंजन साहू ने कहा कि खेतों में पराली जलाना किसी भी
लिहाज से उचित नहीं है।





