देश भर के पुलिस महानिदेशकों की जयपुर में बैठक, प्रधानमंत्री होंगे शामिल, अनेक मुद्दों पर होगा मंथन

आज देश भर के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजस्थान के जयपुर में कानून व्यवस्था बनाए रखने पर चिंतन मंथन करेंगे। इस सम्मेल में प्रधानमंत्री शामिल होंगे। सम्मेलन 5 जनवरी से 7 जनवरी तक चलेगा। यह अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन है। यह सम्मेलन 2014 में गुवाहाटी, 2015 में कच्छ के रण-धोरडो, 2016 हैदराबाद में राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, 2017 में टेकनपुर बीएसएफ अकादमी, 2018 में केवड़िया, 2019 में भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान पुणे, 2021 में लखनऊ पुलिस मुख्यालय और 2023 में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में हुआ था।
बता दें कि सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर में आतंक, साइबर अपराध और खालिस्तान समर्थक समूहों की गतिविधियों पर प्रमुख रूप से चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन के प्रमुख विषय हैं। इसी के साथ तीन आपराधिक कानूनों का कार्यान्वयन, माओवाद, अंतर-राज्य पुलिस समन्वय और आम चुनावों में पुलिस की भूमिका जैसे तमाम मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत विमर्श अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन में डीजीपी-आईजीपी रैंक के 250 से अधिकारी सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके अलावा करीब 200 से अधिक पुलिस अधिकारी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल होंगे। अलग-अलग अधिकारियों को आतंकवाद विरोधी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आंतकवाद, खालिस्तान समर्थक समूहों की गतिविधियां और उग्रवाद जैसे विष्यों पर प्रस्तुतियां देने के लिए अधिकृत किया गया है।
इस सभी आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां का सामना करने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श होगा। 2013 तक यह बैठकें नई दिल्ली होती थी। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद से आईबी और गृह मंत्रालय नई दिल्ली के बाहर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। आज दुनिया भर में आंतक सबसे बड़ा मुद्दा चुनौती। भारत आतंकी गतिविधियां के लिहाज से काफी ज्यादा गंभीर है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों का सबसे अधिक खतरा है। आतंकी खतरे के साथ-साथ खालिस्तानी गुट की बढ़ती गतिविधियां भी चिंता का विषय है। इस वजह से डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में आतंकी खतरे और खालिस्तानी गुट की गतिविधियों पर प्रमुखता से चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में प्रधानमंत्री के साथ गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्य मंत्री, कैबिनेट सचिव, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुख शामिल होंगे।





