दिल्ली बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट केस : पुलिस ने सबूत नष्ट और छुपाने की धारा एफआईआर में जोड़ी
नई दिल्ली। दिल्ली कैंट इलाके में हुए बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट केस में दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने आरोपी कार चालक के खिलाफ दर्ज एफआईआर में सबूतों को नष्ट और छुपाने से जुड़ी धारा भी जोड़ दी है।
आरोपी के खिलाफ नई धाराएं दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में धारा 105, 125बी, 281 और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बीएमडब्ल्यू कार चालक के खिलाफ एफआईआर में बीएनएस 238 धारा को भी जोड़ा गया है।
19 किलोमीटर दूर अस्पताल क्यों ले जाया गया सवाल
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हादसे के बाद आरोपी पीड़ित को नजदीकी अस्पताल न ले जाकर 19 किलोमीटर दूर मुखर्जी नगर स्थित अस्पताल में लेकर गया। दावा है कि यह अस्पताल आरोपी के किसी जानकार का है।
पुलिस ने पुष्टि की कि नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को न्यूलाइफ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जो घटनास्थल से करीब 17 किलोमीटर दूर है, जबकि कई अस्पताल पास में ही मौजूद थे। पीड़ित के बेटे ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं।
हादसे में एक की मौत, पत्नी गंभीर
यह हादसा दिल्ली कैंट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ था, जहां बीएमडब्ल्यू कार ने एक बाइक को टक्कर मारी। इस हादसे में बाइक सवार नवजोत सिंह की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
पीड़ित वित्त मंत्रालय में थे उप सचिव
जानकारी के मुताबिक, मृतक नवजोत सिंह वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे। रविवार शाम वे बंगला साहिब गुरुद्वारा से अपनी पत्नी के साथ बाइक पर घर लौट रहे थे, तभी दुर्घटना हुई।
महिला चला रही थी बीएमडब्ल्यू
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे के समय बीएमडब्ल्यू कार गगनप्रीत नाम की महिला चला रही थी और उसका पति बगल की सीट पर बैठा था। हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो कार पलटी हुई थी और बाइक डिवाइडर के पास खड़ी थी।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।





