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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:09 · नई दिल्ली संस्करण

15 दिसंबर 2002: जब गुजरात में 'मोदी मैजिक' ने रचा था इतिहास, भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
15 दिसंबर 2002: जब गुजरात में 'मोदी मैजिक' ने रचा था इतिहास, भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत

नई दिल्ली। 15 दिसंबर 2002 के दिन गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणामों ने भारतीय राजनीति में एक नया ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया। इस दिन भाजपा ने एक शानदार जीत दर्ज की, जिससे नरेंद्र मोदी को अपने मुख्यमंत्री बनने के महज एक साल बाद ही पहली बार बड़ा चुनावी जनादेश मिला था।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने कुल 182 विधानसभा सीटों में से 127 सीटों पर विजय प्राप्त की, जिसका राजनीतिक संदेश बिल्कुल स्पष्ट था।

अखबारों ने इस जीत को "मोदी मैजिक" करार दिया और उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखा गया, जिन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की और हर किसी की भविष्यवाणियों को गलत साबित कर दिया।

उस समय नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के मणिनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और शानदार तरीके से जीत हासिल की। इस जीत को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के पांच करोड़ लोगों के "आत्म-सम्मान की जीत" बताया। इस परिणाम ने उन्हें केवल एक संकट के समय के प्रशासक से बदलकर एक मजबूत और स्थिर नेता के रूप में स्थापित किया, जिनके पास स्पष्ट जनादेश था।

2002 के चुनाव नतीजों ने गुजरात की राजनीति में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी की स्थिति को और भी मजबूत किया। इस विजय के बाद, वे केवल एक मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली नेता के रूप में सामने आए, जिनके नेतृत्व में पार्टी ने राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत की। इस चुनाव ने यह भी सिद्ध कर दिया कि नरेंद्र मोदी जैसे नेता के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी गुजरात में और भी मजबूत हो गई थी।

गुजरात की विधान सभा 182 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनी जाती है, जिन पर कुल 21 दलों और कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। भारतीय जनता पार्टी ने 127 सीटें जीतीं, इस प्रकार विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया। प्रचंड बहुमत के बाद नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

गुजरात विधानसभा चुनाव दिसंबर 2002 में हुआ था। उस समय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व मोदी ने किया था, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी थी।

इस तरह 2002 की जीत ने एक निर्णायक राजनीतिक बदलाव को दिखाया। इस जीत ने तत्कालीन सीएम और नेता के रूप में नरेंद्र मोदी को मजबूती से स्थापित किया। इस जीत के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी छवि और लोकप्रियता का पैमाना बढ़ता गया।

गुजरात की राजनीति में लंबे समय तक बड़ी भूमिका निभाने के बाद नरेंद्र मोदी ने केंद्र की राजनीति में भी ऊंचा मुकाम हासिल किया और वे मौजूदा समय में लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद पर विराजमान हैं।

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