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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:08 · नई दिल्ली संस्करण

लालू-राबड़ी और समधी के बाद अब मैदान में उतरी बेटी -बाबा हरिहरनाथ का आशीर्वाद ले रूढ़ि को देगी टक्कर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
लालू-राबड़ी और समधी के बाद अब मैदान में उतरी बेटी   -बाबा हरिहरनाथ का आशीर्वाद ले रूढ़ि को देगी टक्कर

लालू-राबड़ी और समधी के बाद अब मैदान में उतरी बेटी

-बाबा हरिहरनाथ का आशीर्वाद ले रूढ़ि को देगी टक्कर

पटना।इस बार के लोकसभा चुनाव में छपरा सीट पर चुनावी लड़ाई रोचक होने की बात कही जा रही है। यहां लालू-राबड़ी और उनके समधी के बाद अब लालू की बेटी रोहिणी बिहार के सारण जिले में राजीव प्रताप रूडी को टक्कर देगी। इसकी शुरुआत करने के लिए आज रोहणी बाबा हरिहरनाथ पहुंच पूजा-अर्चना कर खुद के लिए आशीर्वाद लेंगी। इनके साथ उनके पिता लालू यादव भी साथ हैं। दरअसल, सारण लोकसभा सीट लालू यादव और राबड़ी देवी से चुनाव लड़ने के बाद उनके समाधि चंद्रिका राय से भी राजीव प्रताप रूढ़ी चुनाव लड़ चुके हैं। चुनाव में 2004 और 2009 में लालू यादव से चुनाव हारने के बाद छपरा से चार बार सांसद रह चुके राजीव प्रताप रूढ़ी इस बार भी चुनाव मैदान में है और पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है। 1996 , 1999, 2014 और 2019 में छपरा से सांसद रह चुके रूडी की लड़ाई हर बार लालू के परिवार से ही रही और इस बार भी उनकी लड़ाई लालू परिवार से ही हैं। मालुम हो कि, सिंगापुर में रहने वाली और पिता लालू प्रसाद को किडनी देकर चर्चा में आयी रोहिणी आचार्य महागठबंधन से राजद की उम्मीदवार होंगी। रोहिणी को लेकर युवा और महिला मतदाताओं में चर्चा है। इस लोकसभा सीट पर दोनों गठबंधनों में कांटे की टक्कर होती रही है। लालू प्रसाद के बाद यहां से उनके परिवार का कोई दूसरा सदस्य चुनाव नहीं जीत पाया है। लालू प्रसाद 1977 के लोकसभा चुनाव में पहली बार सारण सीट से ही जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। आपको बताते चलें कि , 1996 के पहले इस सीट पर लालू का प्रभाव था। लेकिन, 1996 में भाजपा प्रत्याशी राजीव प्रताप रूडी ने जीत दर्ज कर लालू के गढ़ में सेंध लगाई। 1998 में हीरालाल राय ने उन्हें पराजित कर दिया। लेकिन, दो वर्षों बाद ही 1999 में हुए चुनाव में राजीव प्रताप रूडी दूसरी बार निर्वाचित हुए। 2004 में लालू रूडी को हराकर तीसरी बार सांसद बने। 2009 में भी रूडी लालू प्रसाद के सामने पराजित हो गए।

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