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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:44 · नई दिल्ली संस्करण

महाकाल के दरबार में भक्तों का तांता, त्रिपुंड और मुंडमाला में बाबा के दिव्य दर्शन

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
महाकाल के दरबार में भक्तों का तांता, त्रिपुंड और मुंडमाला में बाबा के दिव्य दर्शन

उज्जैन। महाकाल के दरबार में मंगलवार को भक्तों को बाबा के दिव्य दर्शन देखने को मिले। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि मंगलवार को सुबह बाबा महाकाल ने त्रिपुंडे और गले में मुंडमाला पहने हुए भक्तों को दिव्य दर्शन दिए।

बाबा का मनमोहक रूप देखने के बाद भक्तों ने बाबा महाकाल के जयकारे लगाए।

सुबह 4 बजे बाबा की भस्म आरती के लिए मंदिर के पट खुले, जिसके बाद पुजारियों ने बाबा महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से पंचामृत अभिषेक किया और साथ ही भस्म आरती की।

बता दें कि महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा ही बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। इसमें बाबा भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। वहीं, भस्म आरती होने के बाद बाबा का चंदन से श्रृंगार और माथे पर चंद्रमा सुसज्जित किया जाता है और नवीन मुकुट पहनाकर बाबा को फूलों की माला अर्पित की जाती है।

बाबा की भस्म आरती देश-विदेश में मशहूर है।

इसके दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। साथ ही, कई बॉलीवुड सेलेब्स भी आ चुके हैं, जिनमें अभिनेत्री दिव्या दत्ता, संजय दत्त, और रवि किशन समेत कई सेलेब्स शामिल हैं। भस्म आरती का हिस्सा बनने के लिए भक्तों को पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होता है और इस दिन भस्म आरती के लिए नंबर या टोकन लेना पड़ता है और भक्त उसी दिन दर्शन के लिए आते हैं। पंजीकरण के लिए मंदिर द्वारा निर्धारित शुल्क भी देना होता है।

हर दिन बाबा का श्रृंगार अलग-अलग तरीके से किया जाता है, जिसके दर्शन के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं।

भस्म आरती की प्रक्रिया में पहले ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित किया जाता है, फिर भस्म रमाई जाती है। इसके बाद भगवान को रजत मुकुट, त्रिपुंड, रुद्राक्ष, मुंडमाला और फूलों से सजाया जाता है। यह श्रृंगार प्रतिदिन अलग-अलग रूप में किया जाता है, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है। आज के 'चंद्र-कमल' श्रृंगार ने भक्तों का मन मोह लिया।

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