आपराधिक मानहानि मामले में गहलोत के खिलाफ फिलहाल समन जारी नहीं करने का कोर्ट का आदेश

आपराधिक मानहानि मामले में गहलोत के खिलाफ फिलहाल समन जारी नहीं करने का कोर्ट का आदेश
नई दिल्ली, 24 मार्च । दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में गहलोत के खिलाफ फिलहाल समन जारी नहीं करने का आदेश दिया है। एडिशनल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर को निर्देश दिया है कि वो इस मामले की जांच कर रिपोर्ट 25 अप्रैल तक दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल को होगी।
कोर्ट ने गहलोत को समन जारी करने पर 23 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में गजेंद्र सिंह शेखावत समेत चार गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। 15 मार्च को अश्विनी जेपी सिंह, 13 मार्च को गवाह गजेंद्र सिंह यादव, 6 मार्च को गजेंद्र सिंह शेखावत और 7 मार्च को गवाह हर्ष पिचारा ने बयान दर्ज कराए थे।
शेखावत ने अपने बयान में कहा था कि संजीवनी घोटाले से उनका कोई संबंध नहीं है। शेखावत ने कहा था कि जांच एजेंसियों ने उन्हें आरोपित नहीं माना, उनके ऊपर झूठे आरोप लगाए गए हैं। शेखावत ने कहा था कि अशोक गहलोत ने उनकी छवि खराब करने के लिए उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए।
याचिका में कहा गया है कि अशोक गहलोत ने सार्वजनिक बयान दिया कि संजीवनी को-आपरेटिव सोसायटी घोटाले में शेखावत के खिलाफ स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में आरोप साबित हो चुका है। याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि संजीवनी को-आपरेटिव सोसायटी ने करीब एक लाख लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ली। इस घोटाले में करीब नौ सौ करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया गया है।
याचिका में कहा गया है कि गहलोत ने अपने ट्वीट में कहा कि ईडी को संपत्ति जब्त करने का अधिकार है न कि एसओजी को। एसओजी ने कई बार ईडी से संजीवनी को-आपरेटिव सोसायटी की संपत्ति जब्त करने का आग्रह किया है लेकिन ईडी ने कोई कार्रवाई नहीं की जबकि ईडी विपक्ष के नेताओं पर लगातार कार्रवाई कर रही है। गहलोत ने अपने ट्वीट में शेखावत से कहा कि अगर आप निर्दोष हैं तो आगे आइए और लोगों के पैसे वापस कीजिए।
याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने शेखावत का नाम एक ऐसी को-ऑपरेटिव सोसाइटी के साथ जोड़ कर चरित्र हनन करने की कोशिश की, जिसका न तो वे और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य उस सोसायटी में जमाकर्ता है।





