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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:33 · नई दिल्ली संस्करण

पुरी रथयात्रा भगदड़ पर कांग्रेस का हमला: मुख्यमंत्री मोहन माझी दें इस्तीफा, भगदड़ के लिए भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
पुरी रथयात्रा भगदड़ पर कांग्रेस का हमला: मुख्यमंत्री मोहन माझी दें इस्तीफा, भगदड़ के लिए भाजपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार

नई दिल्ली, 30 जून — पुरी में भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथयात्रा के दौरान मची

भगदड़ पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री

मोहन माझी, उपमुख्यमंत्री तथा

कानून मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने घटना को प्रशासनिक

विफलता का परिणाम बताते हुए इसे उड़िया अस्मिता और आस्था का अपमान करार दिया।

दिल्ली स्थित

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी सांसद सप्तगिरि उलाका

और वरिष्ठ नेता अरबिंद दास ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रथयात्रा के दौरान करीब 700 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए और सात लोगों

की मृत्यु की पुष्टि हुई है। लेकिन सरकार ने अभी तक कोई स्पष्ट आंकड़ा या आधिकारिक

बयान जारी नहीं किया, जिससे पूरे राज्य

में असंतोष व्याप्त है।

सांसद सप्तगिरि

उलाका ने आरोप लगाया कि इस वर्ष रथयात्रा पूरी तरह से अव्यवस्था और राजनीतिक

प्रबंधन का शिकार रही। उन्होंने बताया कि नंदीघोष रथ केवल एक मीटर ही चल पाया और

फिर शाम साढ़े सात बजे के करीब रोक दिया गया, जिससे पूरी पारंपरिक प्रक्रिया बाधित हुई। उलाका ने यह भी

सवाल उठाया कि क्या रथयात्रा किसी वीआईपी व्यक्ति, विशेष रूप से गौतम अडानी की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए

रोकी गई थी? उन्होंने बताया कि

सामान्यतः 200-300 पास बांटे जाते

हैं, लेकिन इस बार लगभग

5000 पास वितरित किए गए, जिससे भीड़ प्रबंधन पूरी तरह से चरमरा

गया।

उन्होंने यह भी

कहा कि भगदड़ के समय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह नदारद थे और उनका ध्यान

केवल मंत्रियों, विधायकों और

वीआईपी लोगों की सुरक्षा में केंद्रित था। इस प्रकार भाजपा सरकार ने आस्था के इस

पर्व को एक इवेंट मैनेजमेंट का तमाशा बना दिया।

कांग्रेस नेता

अरबिंद दास ने प्रदेश के कानून मंत्री के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें

उन्होंने कहा था कि “भगवान स्वयं चाहते

थे कि रथ न चले।” उन्होंने इसे

भगवान के नाम पर की जा रही गैर-जिम्मेदाराना राजनीति बताया। दास ने कहा कि पिछले

एक साल में मंदिर प्रबंधन समिति तक का गठन नहीं किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार

धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के प्रति कितनी लापरवाह है। उन्होंने यह भी पूछा कि

भगवान की रथयात्रा को किस वीआईपी के लिए रोका गया?

कांग्रेस नेताओं

ने मांग की कि इस घटना में मृतकों की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए, मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 25 लाख रुपये की सहायता दी जाए। साथ ही इस

घटना की उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष न्यायिक जांच

कराई जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए।

इस पूरे घटनाक्रम

को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर प्रशासनिक और नैतिक विफलता का आरोप

लगाते हुए कहा कि ओडिशा की जनता ने जिस उड़िया गौरव और भगवान जगन्नाथ के नाम पर

भाजपा को सत्ता सौंपी थी, वह आज ठगा हुआ

महसूस कर रही है। यह सरकार श्रद्धा, संस्कृति और सुरक्षा— तीनों मोर्चों पर असफल साबित हुई है।

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