कांग्रेस आप को दो से ज़्यादा सीटें देने को नहीं है राजी

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों के बंटवारे का पेंच अभी भी फंसा हुआ है । एक तरफ़ जहां आम आदमी पार्टी गठबंधन के तहत ज़्यादा से ज़्यादा सीटों की इच्छुक हैं वहीं कांग्रेस आप को कम से कम सीटों पर निपटाना चाहती है । आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार में सत्तासीन है इसलिए ज़्यादा से ज़्यादा सीटें चाहती हैं और कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर मज़बूत है इसलिए वह भी ज़्यादा से ज़्यादा सीटें चाहती हैं । हालांकि आप को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल गया है इसके बावजूद उसका वह स्वरूप नहीं है जो कांग्रेस की है ।जानकार बताते हैं कि कांग्रेस आम आदमी पार्टी को सिर्फ़ दो सीटें देना चाहती हैं पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली सीट ।इनका मानना है कि आप का आधार दिल्ली में पूर्वी दिल्ली एवं नई दिल्ली तक सीमित है । सूत्र यह भी बताते है कि बाद में विधान सभा सीटों पर बातचीत हो जाएगा लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए दो सीट पर सहमति बनी तो कांग्रेस-आप गठबंधन दिल्ली की सातों सीटें भाजपा से छीनना चाहती हैं । यहां दीगर है कि पूर्वी दिल्ली में जहां मनीष सिसोदिया का काफ़ी प्रभाव माना जाता है वहीं नई दिल्ली पर केजरीवाल का दबदबा है । यही कारण है कि आम आदमी पार्टी दो सीटों से ज़्यादा लेने की इच्छुक है ।





