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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:19 · नई दिल्ली संस्करण

रांची लोकसभा सीट पर बन्ना गुप्ता के नाम पर नहीं बन रही सहमति,टिकट की रेस में रामटहल चौधरी, सुबोधकांत सहाय और अभिलाष साहू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
रांची लोकसभा सीट पर बन्ना गुप्ता के नाम पर नहीं बन रही सहमति,टिकट की रेस में रामटहल चौधरी, सुबोधकांत सहाय और अभिलाष साहू

रांची लोकसभा सीट पर बन्ना गुप्ता के नाम पर नहीं बन रही सहमति,टिकट की रेस में रामटहल चौधरी, सुबोधकांत सहाय और अभिलाष साहू

रांची: कांग्रेस पार्टी में रांची लोकसभा सीट के लिए अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि चंपाई सरकार के मंत्री और जमशेदपुर पश्चिमी से विधायक बन्ना गुप्ता को रांची से प्रत्याशी बनाए जाने की बात सामने आ रही थी जिसपर विराम लग गया है। वही अब टिकट के रेस में पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय,रामटहल चौधरी और कांग्रेस पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह झारखंड हाउसिंग बोर्ड के मेंबर अभिलाष साहू का नाम सामने आ रहा है।कांग्रेस पार्टी रांची लोकसभा में सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही है।अगर वैश्य समाज की बात की जाय तो सबसे अच्छा समीकर अभिलाष साहू को माना जा सकता है क्योंकि इनकी पकड़ वैश्य समाज में है और कांग्रेस के कद्दावर नेता भी हैं। दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी अगर रामटहल चौधरी को रांची लोकसभा सीट से टिकट देती है तो सवाल उठता है कि आखिर सुबोधकांत सहाय का क्या होगा। रामटहल चौधरी की वजह से सुबोधकांत सहाय का टिकट होल्ड पर रख दिया गया है। सुबोधकांत सहाय की गिनती राज्य के कद्दावर राजनीतिज्ञों में होती है। 1989 में रांची से लोकसभा चुनाव जीतने वाले सुबोधकांत सहाय 2004 और 2009 में भी जीत दर्ज की थी। केंद्र में तत्कालीन मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली सरकार में केंद्रीय पर्यटन मंत्री और अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। इधर पूर्व सांसद रामटहल चौधरी की गिनती झारखंड के कद्दावर ओबीसी भाजपा नेता के रूप में होती रही है। वे कई बार विधायक और सांसद भी रह चुके हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा द्वारा टिकट काटने से नाराज रामटहल चौधरी निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे थे। उस चुनाव में उन्हें 29 हजार 500 के करीब वोट मिले थे। अब देखना होगा कि जब रांची लोकसभा सीट से कांग्रेस अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा करती है तो अभिलाष साहू, सुबोधकांत सहाय और रामटहल चौधरी मे से कौन बाजी मारता है।

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