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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:26 · नई दिल्ली संस्करण

शीतला सप्तमी पर विजय और अभिजित मुहूर्त का संयोग, देखें मंगलवार का पंचांग

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
शीतला सप्तमी पर विजय और अभिजित मुहूर्त का संयोग, देखें मंगलवार का पंचांग

नई दिल्ली। सनातन धर्म में पंचांग दिन की शुरुआत के साथ ही नए या शुभ कार्यों के विचार के लिए भी विशेष महत्व रखता है। 10 मार्च के पंचांग के अनुसार, मंगलवार को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है, जिसे शीतला सप्तमी के रूप में मनाया जाता है।

यह पर्व मुख्य रूप से देवी शीतला को समर्पित है, जिन्हें खसरा, चेचक जैसे संक्रामक रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। गुजरात के साथ ही देश के कई हिस्सों में इस पर्व को 'शीतला सातम' या 'शीतला सप्तमी' के नाम से श्रद्धा से मनाया जाता है।

लोग देवी का आशीर्वाद लेकर अपने परिवार की स्वास्थ्य रक्षा की कामना करते हैं। इस दिन की सबसे खास परंपरा यह है कि घर में ताजा भोजन नहीं पकाया जाता। पूरा दिन ठंडा (शीतल) और एक दिन पहले का बना हुआ बासी भोजन ही ग्रहण किया जाता है।

शीतला सातम की यह अवधारणा उत्तर भारत में मनाए जाने वाले 'बासोड़ा' और 'शीतला अष्टमी' से काफी मिलती-जुलती है।

इन पर्वों में भी बासी भोजन का महत्व होता है और देवी से रोगों से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है।

10 मार्च को सूर्योदय 6 बजकर 37 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 26 मिनट पर होगा। कृष्ण पक्ष की सप्तमी है। वहीं, नक्षत्र अनुराधा शाम 7 बजकर 5 मिनट तक उसके बाद ज्येष्ठा है। योग हर्षण सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक है और करण विष्टि दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो मंगलवार को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 59 मिनट से 5 बजकर 48 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 48 मिनट तक है।

वहीं, अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 3 बजकर 29 मिनट से 4 बजकर 58 मिनट तक, यमगंड सुबह 9 बजकर 34 मिनट से 11 बजकर 3 मिनट तक, गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से 2 बजकर तक रहेगा।

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