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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:20 · नई दिल्ली संस्करण

राममंदिर चढ़ावा विवाद पर सीएम योगी ने विपक्ष को घेरा, कहा- आस्था से खिलवाड़ न करें

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
राममंदिर चढ़ावा विवाद पर सीएम योगी ने विपक्ष को घेरा, कहा- आस्था से खिलवाड़ न करें

देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष के आरोपों पर शुक्रवार को तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि मामले में "दूध का दूध और पानी का पानी" किया जाएगा। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने विपक्ष से अपील की कि रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ न करें और यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करे। देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी स्पष्ट किया था कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इस पवित्र नगरी पर बेबुनियाद आक्षेप लगाने से बचना चाहिए। भगवान श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखिए। सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनभावनाओं को आहत करना भी उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी के बजाय एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि रामभक्तों की आस्था की अग्निपरीक्षा नहीं ली जानी चाहिए और इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति से बचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि आज जो लोग अयोध्या और भगवान राम के नाम पर सवाल उठा रहे हैं, वही लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे और राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग "जय श्रीराम" के उद्घोष पर कार्रवाई करते थे, रामनवमी और अन्य धार्मिक आयोजनों में व्यवधान पैदा करते थे, लेकिन अब वही आस्था की बात कर रहे हैं।

बिना नाम लिए मुख्यमंत्री ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला।

उन्होंने कहा, "दिल्ली से आज एक सज्जन अयोध्या आए हैं। दिल्ली की जनता ने उन्हें वर्षों तक अवसर दिया, लेकिन उन्होंने राजधानी को भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। यदि उन्होंने दिल्ली के साथ वैसा ही न्याय किया होता जैसा डबल इंजन की भाजपा सरकार ने अयोध्या के साथ किया है, तो दिल्ली भी आज अयोध्या धाम की तरह विकास की नई पहचान बन चुकी होती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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