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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:24 · नई दिल्ली संस्करण

सीएम योगी बोले अंबेडकर की सोच से प्रेरित होकर गरीबों के लिए बढ़ाई जा रहीं योजनाएं

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
सीएम योगी बोले अंबेडकर की सोच से प्रेरित होकर गरीबों के लिए बढ़ाई जा रहीं योजनाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती से पहले सोमवार को एक महत्वपूर्ण पोस्ट किया। उन्होंने बाबासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को आज के समय में बेहद प्रासंगिक बताया।

सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "14 अप्रैल को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर जी की पावन जयंती है। यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला।

उन्होंने बताया, "वैसे तो विजन, मिशन और लगन के धनी बाबासाहेब के हर शब्द प्रेरक हैं, परंतु आर्थिक आयाम और शिक्षा के प्रति उनकी दूरदृष्टि अमूल्य है। उन्होंने राजकोषीय संघवाद का विचार दिया। साथ ही कहा था, शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। अपने समय में बाबासाहेब भारत के सर्वाधिक शिक्षित लोगों में एक थे। 35 हजार से अधिक पुस्तकों के संग्रहकर्ता बाबासाहेब 16 से 18 घंटे प्रतिदिन अध्ययन करते थे।

सीएम योगी ने कहा, "स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बाबासाहेब की पहचान न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ एवं संवेदनशील समाज सुधारक की है। बाबासाहेब ने घर पर सहयोग के लिए सुदामा नाम के व्यक्ति को रखा था। एक बार सुदामा देर रात फिल्म देखकर लौटे, तो बाहर ही सो गए। सुबह सुदामा जागे, तो उन्होंने पाया कि बाबासाहेब ने उनके ऊपर अपना ओवरकोट ओढ़ा दिया है।"

उन्होंने कहा, "बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है- चाहे वह राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं हों या 'घरौनी' के माध्यम से महिलाओं को मालिकाना अधिकार।

छात्रवृत्तियां, सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना वंचितों के लिए संबल बनी। अटल आवासीय विद्यालयों में वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।"

उन्होंने बताया, "बाबासाहेब के नाम पर छात्रावासों के पुनर्निर्माण और नवनिर्माण की योजना से दलित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सहायता मिलेगी। नियोजित कार्यक्रमों से उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से ऊपर आए हैं और अब सरकार बाबासाहेब के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा, "बाबासाहेब के विचार अपनाने से ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा। प्रदेशवासियों से मेरा आग्रह है कि अपने घर में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब का सपना साकार होगा।"

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