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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:20 · नई दिल्ली संस्करण

सीएम योगी ने श्रद्धालुओं के लिए महाकुम्भ क्षेत्र में की 25,000 बेड के सार्वजनिक आश्रय स्थल की शुरुआत

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
सीएम योगी ने श्रद्धालुओं के लिए महाकुम्भ क्षेत्र में की 25,000 बेड के सार्वजनिक आश्रय स्थल की शुरुआत

-आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे 250 बेड की क्षमता वाले सभी 100 सार्वजनिक आश्रय स्थल-सीएम योगी ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र में कम्प्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का भी किया उद्घाटन-स्वच्छ, सुरक्षित और सुलभ महाकुम्भ के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकारप्रयागराज। महाकुम्भ को दिव्य और भव्य बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए हरसंभव प्रयास कर रही है। योगी सरकार श्रद्धालुओं के ठहराव और उनकी सुरक्षा के लिए का पूरा ध्यान रख रही है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेला क्षेत्र में 250 बेड की क्षमता वाले 100 सार्वजनिक आश्रय स्थलों का उद्घाटन किया। इसके साथ-साथ महाकुम्भ मेला क्षेत्र में कम्प्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र की भी शुरुआत की गई।सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ जैसे भव्य आयोजन के दौरान तीर्थयात्रियों और आगंतुकों की भारी संख्या को देखते हुए सार्वजनिक आश्रय स्थलों की आवश्यकता महत्वपूर्ण होती है। परम्परागत रूप से तीर्थयात्री और साधु-संत खुले स्थानों या परिसंचरण क्षेत्रों में समय बिताते हैं, जिससे सर्द मौसम में उनके लिए कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने 25,000 बेड की कुल क्षमता वाले सार्वजनिक आश्रय स्थलों की व्यवस्था की है। इन आश्रय स्थलों का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को न केवल आरामदायक और सुरक्षित ठहराव प्रदान करना है, बल्कि उनकी यात्रा को सुलभ और सुविधाजनक भी बनाना है।आधुनिक सुविधाओं से लैस सभी आश्रय स्थलमहाकुम्भ के लिए तैयार किए गए सार्वजनिक आश्रय स्थलों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इनमें प्रत्येक आश्रय स्थल पर 250 बेड की क्षमता होगी। बेड के साथ गद्दे, तकिए और साफ चादरें उपलब्ध कराई जाएंगी। पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग शौचालय और स्नानघर की व्यवस्था की गई है। इन स्थलों में नियमित सफाई, जिसमें चादरों का परिवर्तन शामिल है, सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा, स्वच्छ पेयजल और चौबीस घंटे सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। इन सुविधाओं का उपयोग श्रद्धालु नाममात्र शुल्क पर कर सकेंगे, जिससे महाकुम्भ में सभी वर्गों के लोगों को ठहरने का विकल्प मिलेगा।श्रद्धालुओं को बेहद सस्ता और सुलभ होगा सार्वजनिक आश्रय स्थलसार्वजनिक आश्रय स्थलों के उपयोग के लिए शुल्क की व्यवस्था सरल और सुलभ रखी गई है। सामान्य दिनों में, श्रद्धालुओं को पहले दिन के लिए 100 रुपये और दो दिन रुकने पर पहले दिन 100 रुपये और दूसरे दिन 200 रुपये का भुगतान करना होगा। मुख्य स्नान पर्व और उसके आसपास के दिनों में, यह शुल्क पहले दिन के लिए 200 रुपये और दो दिन के ठहराव के लिए पहले दिन 200 रुपये और दूसरे दिन 400 रुपये होगा। श्रद्धालु नकद या डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकते हैं, जिसके बाद उन्हें टिकट जारी किया जाएगा।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से उन तीर्थयात्रियों के लिए है, जो होटल, गेस्ट हाउस या निजी शिविर का खर्च नहीं उठा सकते। इन सार्वजनिक आश्रय स्थलों से न केवल उनकी यात्रा किफायती बनेगी, बल्कि वे सर्द मौसम में आराम और सुरक्षा का अनुभव भी कर सकेंगे।सीएम योगी ने कम्प्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का किया उद्घाटनमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 की तैयारियों के तहत प्रयागराज मेला क्षेत्र में कंप्यूटरीकृत खोया-पाया केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र अत्याधुनिक तकनीकों से लैस होगा, जिससे श्रद्धालुओं की गुमशुदगी संबंधी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके। इस पहल से तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और संगठित अनुभव मिलेगा। महाकुम्भ को न केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का जीवंत प्रतीक बनाने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ’नंदी’, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, महापौर गणेश केसरवानी समेत मेला अधिकारी विजय किरण आनंद एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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