भरत तिवारी एनकाउंटर में CM सम्राट चौधरी को लेना पड़ा एक्शन, बैकफुट पर आई पुलिस

पटना: बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। जिस एनकाउंटर को पुलिस शुरू में बड़ी सफलता बता रही थी, उसी मामले में बढ़ते विवाद और जनदबाव के बाद मुख्यमंत्री Samrat Choudhary को हस्तक्षेप करना पड़ा। मामले में SDPO, SHO समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस विभाग बैकफुट पर नजर आ रहा है।
17 जून को हुए एनकाउंटर के बाद मृतक भरत तिवारी के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए न्याय की मांग की थी। परिवार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कई नेताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार पर लगातार दबाव बढ़ता गया। पूर्व डीजीपी और कई विशेषज्ञों ने एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। बढ़ते विवाद के बीच मुख्यमंत्री को अपनी ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने पड़े, जिससे सरकार की कानून-व्यवस्था नीति भी विपक्ष के निशाने पर आ गई।
इस बीच जन अधिकार पार्टी के नेता Pappu Yadav ने भी मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भरत तिवारी की हत्या कराई गई और पूरे प्रकरण में बड़ी मछलियों को बचाने की कोशिश हो रही है। उनके बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
भरत तिवारी एनकाउंटर अब केवल पुलिस कार्रवाई का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





