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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:17 · नई दिल्ली संस्करण

चिराग के साथ नहीं मिलेंगे दल और दिल: पारस

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
चिराग के साथ नहीं मिलेंगे दल और दिल: पारस

चिराग के साथ नहीं मिलेंगे दल और दिल: पारस

पटना।बिहार एनडीए में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर लगातार गहमागहमी बनी हुई है। खासकर एनडीए में शामिल छोटे दल बीजेपी के लिए गले की हड्डी बनते जा रहे हैं। एक तरफ एनडीए में शामिल क्षेत्रीय दल अधिक सीटों की मांग कर बीजेपी पर दबाव बना रहे हैं तो दूसरी तरफ चिराग और पशुपति पारस के बीच का संग्राम सुलझाने में बीजेपी के पसीने छूट रहे हैं। बीजेपी ने राष्ट्रीय लोजपा के चीफ पशुपति कुमार पारस को प्रस्ताव दिया है कि दोनों चाचा-भतीजा की पार्टी एक हो जाएं हालांकि पारस ने इससे साफ तौर पर इनकार कर दिया है।दरअसल, सीट शेयरिंग को लेकर चल रही तमाम तरह की बातों के बीच राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने सोमवार को बिहार के बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान पारस ने हाजीपुर सीट पर अपनी दावेदारी पेश की और कहा कि वे हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। जिसपर विनोद तावड़े ने पशुपति पारस को फिर से भतीजे के साथ हो लेने की सलाह दी और प्रस्ताव रखा कि चिराग और उनकी पार्टी फिर से एक साथ आ जाए।बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, विनोद तावड़े के प्रस्ताव पर पशुपति पारस ने अपनी मंशा भी साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि चिराग एनडीए में हैं, इसे लेकर उनका कोई विरोध नहीं है। पशुपति पारस ने स्पष्ट रूप से कर दिया है कि चिराग के साथ दल, दिल और परिवार अब नहीं मिल सकते हैं। बता दें कि दोनों चाचा-भतीजा हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। दोनों चाचा-भतीजा हाजीपुर की सीट छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में चाचा-भतीजे के बीच सुलह कराना बीजेपी के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। बीजेपी आलाकमान और बिहार बीजेपी के नेताओं के साथ भी पारस की बैठक होनी है। देखना होगा कि हाजीपुर सीट का पेंच कैसे सुलझ पाता है।

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