मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

पीएम मोदी और अल्बनीज की बैठक में चीन के आईसीबीएम मिसाइल परीक्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई बात

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
पीएम मोदी और अल्बनीज की बैठक में चीन के आईसीबीएम मिसाइल परीक्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हुई बात

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने गुरुवार को मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई मुलाकात के दौरान चीन की ओर से हाल ही में दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में किए गए इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) के परीक्षण का मुद्दा उठाया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसकी पुष्टि की।

मिस्री ने प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से आयोजित विशेष मीडिया ब्रीफिंग में पत्रकारों से कहा, "इस मुद्दे को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने उठाया था और इस घटनाक्रम को लेकर कुछ चिंता भी जताई गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र को ऐसा इलाका मानते हैं जहां शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनी रहनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत और ऑस्ट्रेलिया के हित और लक्ष्य एक जैसे हैं। दोनों देश इस मुद्दे पर अपने विचार साझा करते रहेंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे।

सोमवार को चीन की एक परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी ने प्रशांत महासागर की ओर एक मिसाइल का परीक्षण किया था, जिसके बाद क्षेत्र के कई देशों ने चिंता जताई।

क्योडो न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी इस मिसाइल परीक्षण पर प्रतिक्रिया दी। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इस लॉन्च को 'क्षेत्र के लिए अस्थिरता पैदा करने वाला' बताया। वहीं, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि उनका देश परमाणु क्षमता वाली मिसाइलों के परीक्षण को लेकर 'चिंतित' है।

पीटर्स ने कहा कि यह कदम चीन की एक 'बार-बार दोहराई जाने वाली नीति' का हिस्सा लगता है। उन्होंने 2024 में चीन द्वारा दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में किए गए इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण का भी जिक्र किया।

ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी इस मिसाइल परीक्षण की निंदा की। कार्यालय ने कहा कि बीजिंग ने इस परीक्षण के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डराने की कोशिश की है और यह कदम अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाता है।

ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता कैरेन कुओ ने चीन से संयम बरतने, अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना एकतरफा कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की अपील की।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें