मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी देने के संकल्प को दोहराया, 2025 तक 50 लाख युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य पूरा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरी देने के संकल्प को दोहराया, 2025 तक 50 लाख युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य पूरा
पटना, 13 जुलाई — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और करीब 39 लाख लोगों को विभिन्न माध्यमों से रोजगार प्रदान किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2020 से तय किए गए 50 लाख नौकरियों/रोजगार के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले ही प्राप्त कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि 2005 से 2020 के बीच राज्य सरकार ने 8 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्त किया था। इसके बाद वर्ष 2020 में शुरू किए गए ‘सात निश्चय-2’ कार्यक्रम के तहत 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का संकल्प लिया गया था। अगस्त 2025 तक इस लक्ष्य को बढ़ाकर 12 लाख सरकारी नौकरियां और 38 लाख रोजगार सहित कुल 50 लाख नौकरियों/रोजगार का लक्षित आंकड़ा तय किया गया था, जिसे अब सफलता पूर्वक प्राप्त कर लिया गया है।
नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि 2025 से 2030 के बीच अगले पांच वर्षों में एक करोड़ से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने का नया लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में नए अवसर सृजित किए जाएंगे और एक उच्चस्तरीय समिति का गठन भी किया जा रहा है ताकि इन योजनाओं की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को भी इस पूरी रणनीति का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने जानकारी दी कि सात निश्चय-2 के अंतर्गत राज्य के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण पर विशेष बल दिया जा रहा है। अगले पांच वर्षों में युवाओं के कौशल प्रशिक्षण हेतु हर प्रमंडल में आधुनिक कौशल विश्वविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। इनमें से एक प्रमुख केंद्रीय कौशल विश्वविद्यालय भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर स्थापित किया जाएगा ताकि युवाओं को नई दिशा मिल सके और वे राष्ट्रीय एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह घोषणा न केवल युवाओं के लिए उत्साहवर्धक है, बल्कि यह सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है कि बिहार को आत्मनिर्भर और रोजगार-सक्षम राज्य के रूप में विकसित किया जाए।





