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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:40 · नई दिल्ली संस्करण

बर्ड फ्लू के बीच बिलासपुर में कारोबारियों का विरोध, विधायक आवास का घेराव

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बर्ड फ्लू के बीच बिलासपुर में कारोबारियों का विरोध, विधायक आवास का घेराव

बिलासपुर। बिलासपुर में बर्ड फ्लू के चलते लगाए गए प्रतिबंधों से नाराज चिकन-अंडा कारोबारियों ने आज शनिवार काे सड़क पर उतरकर विरोध जताया। व्यापार ठप होने से परेशान कारोबारियों ने विधायक के घर पहुंचकर राहत और आंशिक छूट की मांग उठाई।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू के प्रकोप के बाद प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ अब चिकन और अंडा कारोबारियों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। कारोबार ठप होने से नाराज व्यापारियों ने शनिवार को विधायक अमर अग्रवाल के निवास का घेराव कर अपनी समस्याएं सामने रखीं।दरअसल, कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन ने संक्रमण को रोकने के लिए शहर सहित 10 किमी के दायरे में चिकन और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके तहत नगर निगम, पशुपालन और खाद्य विभाग की टीमें लगातार दुकानों और होटलों की जांच कर रही हैं।इन प्रतिबंधों के चलते शहर में करीब 200 से अधिक दुकानें प्रभावित हुई हैं और अनुमान के अनुसार रोजाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार ठप हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय तक दुकानें बंद रहने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।विरोध प्रदर्शन के दौरान कारोबारियों ने विधायक अमर अग्रवाल से मुलाकात कर मांग रखी कि सुरक्षा मानकों और गाइडलाइन के तहत दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि पूरी तरह बंदी के बजाय नियंत्रित तरीके से कारोबार की अनुमति दी जानी चाहिए।व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संक्रमण केवल सरकारी हेचरी में सामने आया है, जबकि निजी पोल्ट्री और दुकानों में इस तरह की कोई समस्या नहीं है। उनका कहना है कि वे मुख्य रूप से बॉयलर मुर्गों का व्यापार करते हैं, जिनमें संक्रमण की आशंका कम है, फिर भी उन पर प्रतिबंध लगाया गया है।कारोबारियों ने बताया कि नवरात्रि के दौरान पहले ही लगभग 10 दिनों तक बिक्री प्रभावित रही। इसके बाद उन्होंने दोबारा व्यापार शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन प्रशासनिक आदेश के चलते फिर से दुकानें बंद करनी पड़ीं। इससे आर्थिक नुकसान और बढ़ गया है।प्रशासन की सख्ती का असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट्स पर भी पड़ा है। कई प्रमुख नॉनवेज रेस्टोरेंट्स ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं, जबकि अन्य जगहों पर चिकन और अंडों से जुड़े व्यंजन उपलब्ध नहीं होने के बोर्ड लगाए गए हैं।विधायक अमर अग्रवाल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया है कि वे इस मुद्दे पर कलेक्टर से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।फिलहाल, प्रशासन संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सख्ती बरत रहा है, जबकि व्यापारी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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