मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात, अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ को मिली 600 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात, अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को मजबूती देने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की प्राथमिकता वाली सड़क परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ को केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई, जिससे राज्य में कई नई सड़क परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि यह केवल राशि की स्वीकृति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ, वनवासी एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक नई उम्मीद है। स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्गों को दो लेन से अपग्रेड कर चार लेन में तब्दील करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे राजधानी रायपुर से अन्य जिलों तक यातायात तेज़, सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।
राजधानी रायपुर की यातायात समस्याओं को दूर करने हेतु चार नए ब्रिजों का निर्माण शीघ्र आरंभ किया जाएगा, जिनका भूमि पूजन जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) के बीच लगभग 95 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्द भेजा जाएगा, जिससे औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक केंद्रों को एक-दूसरे से जोड़ा जा सकेगा।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने नागपुर से रायपुर तक प्रस्तावित 300 किलोमीटर लंबे समृद्धि एक्सप्रेसवे की डीपीआर भी शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130ए, 43 और 30 के तहत 115.95 करोड़ रुपये की लागत से सड़क उन्नयन, मजबूतीकरण और रेजिंग कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें बिलासपुर शहर में 15 किलोमीटर की सड़क, कटनी-गुमला मार्ग के 11 किलोमीटर हिस्से का निर्माण और केशकाल के पहाड़ी क्षेत्र की 4 किलोमीटर सड़क का सुदृढ़ीकरण शामिल है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सभी आगामी सड़क योजनाएं अब ‘गति शक्ति पोर्टल’ के माध्यम से भेजी जाएंगी, ताकि अनुमोदन की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी हो सके। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने राज्य में वर्तमान में चल रही 7000 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को शीघ्र वित्तीय स्वीकृति देने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल भौगोलिक दूरी को नहीं घटातीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की रेखा खींचती हैं। “अँजोर विजन 2047” के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक गांव और नागरिक तक पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ और सुगम परिवहन पहुंचे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित रहे। यह भेंट न केवल राज्य की अधोसंरचना विकास की दिशा में निर्णायक साबित हुई, बल्कि छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करने वाली सिद्ध होगी।





