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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:28 · नई दिल्ली संस्करण

बलरामपुर : लुत्ती बांध हादसे में देवंती की उजड़ गई जिंदगी, मां-भाभी, छोटी भतीजी समेत छह लोग बहे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बलरामपुर : लुत्ती बांध हादसे में देवंती की उजड़ गई जिंदगी, मां-भाभी, छोटी भतीजी समेत छह लोग बहे

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर में मंगलवार की देर रात लुत्ती बांध टूटने से कई लोगों की जिंदगी उजड़ गई। हादसे में लोगों ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया। अपनो को खोए परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। यह हादसा इनलोगों में कहर बनकर टूटा। बांध टूटने से एकाएक पूरा बांध का पानी पूरी रफ्तार लोगों को घर सहित उखाड़कर अपने साथ ले गया। हादसे के चश्मदीद बताते है कि, तबाही का ऐसा मंजर हमने कभी अपनी जीवन में नहीं देखा।बांध हादसे में देवंती की उजड़ गई जिंदगीयह हादसा अपने पीछे कई परिवार को कभी न भूलने वाला गम दे गया। हादसे में अपने पूरे परिवार को खोई देवंती कुमारी हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि, इनका घर लुत्ती बांध के करीब और नाले के बगल में था तो अब पूरी तरह से बह गया है। हादसे में अपनी मां बतसिया सिंह, भाभी चिंता सिंह, छोटी भाभी रजंती सिंह, बहन की छोटी बेटी प्रिया को हमेशा के लिए खो दिया है। जबकि इनके भतीजा और भतीजी कार्तिक और वंदना अभी भी लापता है। वहीं इस हादसे में इनके पिता श्रीराम वृक्ष घायल हो गए है जिनका इलाज बलरामपुर जिला अस्पताल में चल रहा है। दो भाई भी है जो बाहर दूसरे राज्य कमाने गए हुए है।दिहाड़ी में काम कर परिवार का करती थी आर्थिक मदददेवंती का परिवार बेहद गरीब परिवार था। हादसे से पहले सभी खुशहाल जीवन जी रही थी। देवंती बलरामपुर में दिहाड़ी में काम करती थी। देवंती अपने घर धनेशपुर से प्रतिदिन बलरामपुर आना जाना करती थी। हादसे के दिन किसी काम में बलरामपुर में ही फंस गई। जिससे वह घर करीब देर रात 10.30 बजे पहुंची। तब तक उसने जो देखा, वह विश्वास नहीं हुआ।देवंती बताती है कि, चारों ओर अंधेरे और चीख पुकार मची हुई थी। बांध टूटने से भयावह दृश्य दिख रहा था। दृश्य देख कर रोंगटे खड़े हो जा रहे थे। चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ तबाही का मंजर दिख रहा था। बांध का पानी लोगों में कहर बनकर टूटा था। देवंती बताती है कि, जैसे ही इसकी खबर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिली तत्काल हमलोगों की सहायता में वे पहुंचे और रेस्क्यू में लग गए। देर रात हमें पता चला कि, हमारा घर भी बाढ़ की जद में आ गया है। बस पिता जी किसी प्रकार अपनी जान बचा सके लेकिन वो भी घायल हो गए है। बाढ़ में बाकी सभी लोग बह गए है। बुधवार की सुबह पुलिस प्रशासन को चार शव बरामद हुए है। जिनमें मां बतसिया सिंह, भाभी चिंता सिंह, छोटी भाभी रजंती सिंह, बहन की बेटी प्रिया शामिल है। जबकि इनके भतीजा और भतीजी कार्तिक और वंदना अभी भी लापता है।

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