मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 10:18 · नई दिल्ली संस्करण

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, 'बस्तर पंडुम 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, 'बस्तर पंडुम 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण दिया।

भारत के राष्ट्रपति के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए पोस्ट किया गया, "छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।"

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रपति को बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम 2026 राज्य की जनजातीय विरासत के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण प्रयास है।

यह महोत्सव तीन चरणों में, जनपद स्तर (10-20 जनवरी), जिला स्तर (24-29 जनवरी) और संभाग स्तर (1-5 फरवरी 2026) में आयोजित होगा। आयोजन पूरे बस्तर संभाग के 7 जिलों में 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों और विभिन्न नगर निकायों में फैला होगा।

इस वर्ष प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी गई है, जिसमें लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्र, हस्तशिल्प, जनजातीय व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण, आदिवासी नाटक, वन-आधारित औषधीय ज्ञान आदि शामिल हैं।

पिछले वर्ष के सफल आयोजन की तरह इस बार भी केंद्र सरकार के गृह मंत्री, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और विभिन्न देशों के राजदूतों को आमंत्रित किया जाएगा।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार जनजातीय समाज को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने इस जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव की सराहना की और बस्तर पंडुम 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

बता दें कि बस्तर पंडुम का शुभारंभ दंतेश्वरी मंदिर परिसर में मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से किया गया है। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को राष्ट्रीय मंच पर लाने का प्रयास है, जहां पिछले वर्ष गृह मंत्री अमित शाह ने समापन समारोह में भाग लिया था।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी.वी. आनंद बोस ने भी राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य मुलाकात की।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें