मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 9:21 · नई दिल्ली संस्करण

चैतन्यानंद का 'काला चिट्ठा' सामने आया, एफआईआर में कई चौंकाने वाले खुलासे

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
चैतन्यानंद का 'काला चिट्ठा' सामने आया, एफआईआर में कई चौंकाने वाले खुलासे

नई दिल्ली। कथित यौन शोषण के मामले में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एफआईआर में आरोप है कि चैतन्यानंद ने छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और संस्थान में अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया।

एफआईआर के अनुसार, चैतन्यानंद छात्राओं को देर रात अपने निजी क्वार्टर में बुलाते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को देर रात चैतन्यानंद के क्वार्टर में उनसे मिलने के लिए मजबूर किया जाता था।

सिर्फ यही नहीं, लड़कियों के हॉस्टल में सुरक्षा के नाम पर गुप्त कैमरे लगाए गए थे, जिससे उनकी निजता का हनन हुआ।

आरोप यह भी हैं कि एक छात्रा को उसकी इच्छा के विरुद्ध अपना नाम बदलने के लिए मजबूर किया गया। इसके अलावा, छात्राओं को विदेश यात्राओं और स्वामी के निजी कक्ष में देर रात उपस्थित होने के लिए दबाव डाला जाता था।

सहयोगी डीन श्वेता और कुछ अन्य स्टाफ सदस्यों पर भी गंभीर आरोप हैं।

एफआईआर के अनुसार, इन लोगों ने स्वामी के यौन आग्रहों को मानने के लिए छात्राओं पर दबाव बनाया और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया। विरोध करने वाली छात्राओं को निलंबन और निष्कासन की धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, छात्राओं के माता-पिता को हस्तक्षेप करने से रोका गया।

एफआईआर में यह भी खुलासा हुआ कि स्वामी और उनके सहयोगियों की ओर से छात्राओं को व्हाट्सऐप और एसएमएस के जरिए अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजे जाते थे।

इन संदेशों या यौन आग्रहों का विरोध करने पर छात्राओं को डिग्री रोकने और दस्तावेज न देने की धमकियां दी जाती थीं।

एफआईआर में यह भी दर्ज है कि 7 छात्राओं में डर का माहौल है। वे सभी अलग-अलग प्रकार के यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। हालांकि, अब वे छात्राएं व्यक्तिगत रूप से सामने आने से डर रही हैं और अपने जीवन को खतरे में महसूस कर रही हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें