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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:10 · नई दिल्ली संस्करण

छत्तीसगढ़ में रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
छत्तीसगढ़ में रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पचपेढ़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में मंगलवार रात सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान एक दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की दम घुटने से मौत हो गई।अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. संदीप दवे ने घटना को दुखद बताया और कहा कि ये मजदूर आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे थे। अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का आश्वासन दिया है। उधर, हादसे के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा मच गया और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। टिकरापारा और न्यू राजेंद्र नगर थाने की पुलिस मौके पर तैनात है।टिकरापारा थाना प्रभारी और एडीसीपी पश्चिम राहुल देव शर्मा ने हादसे में तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्र(35 वर्ष), अनमोल मचकन (25 वर्ष)और प्रशांत कुमार (22 वर्ष)के रूप में हुई है, जो सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की जांच के लिए मर्ग कायम किया है। टिकरापारा थाना पुलिस ने बताया कि वर्तमान में मर्ग कायम किया है और जांच के बाद दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जायेगा।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन द्वारा सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए तीन युवकों को बुलाया गया था। सफाई के दौरान टैंक के अंदर मौजूद जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश होकर गिर पड़े। कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला और तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।घटना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर भारी संख्या में पहुंचे परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतारा गया था। शुरुआती जांच और चश्मदीदों का भी कहना है कि मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण या मास्क के टैंक में उतारा गया था। टैंक के भीतर अत्यधिक जहरीली गैस होने के कारण यह हादसा हुआ।अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ये मजदूर एक बाहरी कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के माध्यम से तैनात थे। अस्पताल ने संबंधित कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। सफाई ठेकेदार किशन सोनी ने बताया कि वह रस्सी लेने गया था, तभी मजदूर बिना सुरक्षा के टैंक में उतर गया।

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