मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:26 · नई दिल्ली संस्करण

छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन गाइडलाइन वैल्यू से जुड़े फैसलों में किया बदलाव

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन गाइडलाइन वैल्यू से जुड़े फैसलों में किया बदलाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की गाइडलाइन वैल्यू से जुड़े फैसलों में बड़ा बदलाव करते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश वापस ले लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा रविवार काे की गई घोषणा के बाद जमीन रजिस्ट्री दरों में हुई वृद्धि पर बदलाव किया है। यह आदेश महानिरीक्षक के द्वारा आज साेमवार काे जारी किया गया है। जारी आदेश में सभी स्टेक होल्डरों से 31 दिसंबर तक पुनरीक्षण के प्रस्ताव भी मांगे हैं।उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर को घोषित नई दरों पर सतारूढ़ भाजपा में ही विरोध होने लगा था। इस मामले में भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री साय को पत्र लिखकर दरें वापस न लेने पर राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की बात कही थी। वहीं विपक्षी दल, जमीन और रियल एस्टेट कारोबारी भी लगातार विरोध कर रहे थे।महानिरीक्षक के द्वारा जारी अधिकृत बयान के अनुसार 19 नवंबर को केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा राज्य में लागू गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण करते हुए नई दरें जारी की गई थी जिसके संबंध में विभिन्न हितधारकों से ज्ञापन, सुझाव एवं प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनका परीक्षण कर निर्णय लेने के लिए केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई।केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय निम्नानुसार हैं-नगरीय क्षेत्र में 1400 वर्ग मीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के प्रावधान को समाप्त करते हुए पूर्व प्रचलित उपबंध अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल तक, और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन के प्रावधान को यथावत लागू किए जाने का निर्णय लिया गया।बहुमंजिला भवनों में फ्लैट/दुकान/कार्यालय अंतरण होने पर सुपर बिल्ट अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना के प्रावधान को विलोपित किए जाने का निर्णय लिया गया. अब इनमें बिल्ट अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रावधान मध्य प्रदेश के समय से चला आ रहा था और राज्य में वर्टिकल डेवलपमेंट के लिए इसकी मांग लंबे समय से आ रही थी। इससे नगर योजना में भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट एवं प्रथम तल पर 10% कमी, द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20% कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग को किफायती दर पर फ्लैट मिल पाएंगे।कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर पश्चात् स्थित संपति के लिए भूखंड की दर में 25% कमी कर मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर दूरी की गणना कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित भाग से की जाएगी।जिला मूल्यांकन समिति द्वारा गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जाते हैं जिनका विश्लेषण कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड नवीन गाइडलाइन दरें जारी करता है. जिला मूल्यांकन समिति को यह निर्देशित करने का निर्णय लिया गया कि हाल ही में हुई दरों में वृद्धि के पश्चात् प्राप्त ज्ञापनों, आपतियों एवं सुझार्यों का परिशीलन कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें