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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:32 · नई दिल्ली संस्करण

सीबीआई जांच में हुआ खुलासा, झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए जा रहे हैं आवासीय व जन्म प्रमाण पत्र

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
सीबीआई जांच में हुआ खुलासा, झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए जा रहे हैं आवासीय व जन्म प्रमाण पत्र

सीबीआई जांच में हुआ खुलासा, झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाए जा रहे हैं आवासीय व जन्म प्रमाण पत्र, भारत सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट

रांची : झारखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवासीय और जन्म प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। इसका खुलासा सीबीआई जांच में हुआ है। अधिकारियों व बच्चों के अभिभावक, ग्राम पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव और वार्ड पार्षद की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवासीय और जन्म प्रमाण पत्र बनाया जा रहा है। उनमें अधिकतर राज्य से बाहर के लोग हैं। इस आपसी गठजोड़ में बड़े रैकेट के शामिल होने की संभावना है।जांच में यह भी पता चला है कि प्रबंधन के आंख में भी धूल झोंककर फर्जी डोमेसाइल और जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिष्ठित स्कूल और सनिक स्कूल तिलैया में बड़े पैमाने पर झारखंड कोटे से नामांकन प्राप्त किया है।सीबीआई ने इन दस्तावेजों के आधार पर प्रतिष्ठित स्कूल-कॉलेज में नामांकन कराये जाने की जांच रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी है। बच्चे के अभिभावक गलत तरीके से डोमेसाइल व जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर बच्चों को अच्छे स्कूल और तिलैया सैनिक स्कूल में नामांकन करवा रहे हैं। इस वजह से योग्य बच्चे ऐसे स्कूलों में एडमिशन से वंचित हो जा रहे हैं। क्योंकि बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने से झारखंड कोटे की सीट भर जा रही है।

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