नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दो को किया गिरफ्तार - मनीष प्रकाश और आशुतोष को अदालत में किया गया पेश

नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने दो को किया गिरफ्तार
- मनीष प्रकाश और आशुतोष को अदालत में किया गया पेश
-प्ले एंड लर्न स्कूल को रात भर के लिए कराया था बुक
पटना । नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने गुरुवार को मनीष कुमार और आशुतोष कुमार को गिरफ्तार किया है। इन दोनों ने परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को सुरक्षित परिसर उपलब्ध कराया था, जहां उन्हें लीक हुए पेपर के साथ उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराई गयी थी।सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, मनीष प्रकाश अपनी कार में उम्मीदवारों को लर्न प्ले स्कूल ले जाने के लिए जिम्मेदार था जबकि आशुतोष छात्रों के लिए सेफ हाउस में परिसर की व्यवस्था करता था, जिन्हें उसके घर में ठहराया जाता था। मनीष को पटना से पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया गया। सीबीआई ने मनीष की पत्नी को फोन करके उसकी गिरफ्तारी की सूचना दी। यह सीबीआई द्वारा की गई पहली गिरफ्तारी है। इससे पहले बिहार सरकार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को ही हिरासत में लिया था। मनीष प्रकाश और आशुतोष दोनों को अदालत में पेश किया गया है।बिहार सरकार ने 2024 नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को बीते तीन दिन पहले सौंप दी थी। आर्थिक अपराध इकाई ने मामले के सभी अपडेट रिकॉर्ड केंद्रीय एजेंसी को सौंप दिए हैं। सीबीआई ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई से 26 जून को यह केस अपने हाथ में लिया था। अब तक 5 राज्यों में पुलिस ने 27 से ज्यादा गिरफ्तारियां की हैं।
-सीबीआई ने चिंटू और मुकेश को रिमांड पर लिया, प्रिंसिपल से 2 घंटे पूछताछ की
सीबीआई की टीम गुरुवार को दोपहर 1 बजे पटना की बेऊर जेल पहुंची। यहां आरोपी बलदेव कुमार उर्फ चिंटू और मुकेश कुमार का मेडिकल कराया और उन्हें 8 दिन की रिमांड पर लिया। बताया जा रहा है कि टीम दोनों को अलग-अलग लोकेशन पर ले जाकर पूछताछ करेगी। सीबीआई ने 26 जून को चिंटू और मुकेश को कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद दोनों की 8 दिन की रिमांड मिली थी।चिंटू नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का रिश्तेदार है। दावा है कि चिंटू के मोबाइल पर ही पेपर आया था, जबकि मुकेश गाड़ी से कैंडिडेट्स को उस स्कूल में ले गया था, जहां सवालों के जवाब रटवाए गए थे। सीबीआई की टीम झारखंड में हजारीबाग के ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसान उल हक को एक बार फिर स्कूल लेकर गई। मड़ई रोड स्थित स्कूल में 2 घंटे पूछताछ के बाद टीम प्रिंसिपल को लेकर वापस चरही स्थित सीसीएल गेस्ट हाउस पहुंची।
-क्वेश्चन पेपर पहले स्कूल ले जाया गया, फिर बैंक ले गए
सीबीआई और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 3 मई को क्वेश्चन पेपर कूरियर एजेंसी ब्लू डार्ट के हजारीबाग नूतन नगर सेंटर से बैंक ले जाने की बजाय पहले ओएसिस स्कूल लाया गया था। इसके बाद यहां से बैंक भेजा गया।ऐसे में संदेह का दायरा बढ़ रहा है कि क्वेश्चन पेपर का पैकेट खोलने का खेल स्कूल में ही हुआ है। हालांकि इस जानकारी पर CBI की ओर से कोई कमेंट नहीं आया है। आज जब स्कूल में पूछताछ चल रही थी, तब FSL की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने भी कुछ सबूत इकट्ठे किए हैं।एक अन्य जानकारी यूजीसी नेट से भी जुड़ी है जो इसी स्कूल की है। यूजीसी नेट परीक्षा भी इसी सेंटर पर हुई थी। ऐसे में कहा जा रहा है कि इसी स्कूल से उसके प्रश्नपत्र लीक होने का शक भी है। आज टीम ने स्कूल के वाइस प्रिंसिपल सह सेंटर सुपरिंटेंडेंट इम्तियाज आलम का एक मोबाइल और लैपटॉप जब्त किया है। एजेंसी को शक है कि ओएसिस स्कूल से ही पेपर लीक किया गया है।
-6 राज्यों में चल रही सीबीआई की जांच
सीबीआई 6 राज्य बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और यूपी में पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों के आपस में संबंधों की पड़ताल कर रही है। जिससे मास्टरमाइंड का पता चल सके। सीबीआई को शक है कि लीक मामले में विभिन्न राज्यों में गिरफ्तार आरोपी केवल कांट्रैक्टर हैं, असली अपराधी कोई और है।राज्यों में कांट्रैक्टर के माध्यम से पेपर स्टूडेंट्स तक पहुंचा था। लीक से जुड़े पुराने अपराधियों से भी पूछताछ होगी। वह पुराने आरोपियों के रिकॉर्ड को निकाल रही है।
-दो लोगों को बॉन्ड भरवा कर छोड़ा
ओएसिस स्कूल के प्राचार्य डॉ. एहसानुल हक से बुधवार को 6 घंटे की पूछताछ हुई। इसके बाद उन्हें शाम 5.45 बजे चरही के सीसीएल के गेस्ट हाउस लाया गया। यहां भी उनसे पूछताछ की गई। सीबीआई की एक टीम शाम 8.30 बजे कुछ और दस्तावेज लेकर गेस्ट हाउस पहुंची। रात करीब 8.45 बजे गेस्ट हाउस से दो गाड़ियां हजारीबाग चली गईं। इसके बाद सीबीआई की टीम ने दो लोगों को बॉन्ड भरवा कर छोड़ दिया।





