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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

भारत में कैंपस हायरिंग का आउटलुक बेहतर बना हुआ, 73 प्रतिशत संगठनों को व्यावसायिक वृद्धि की उम्मीद : रिपोर्ट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

नई दिल्ली। भारत में कैंपस हायरिंग का परिदृश्य काफी अच्छा बना हुआ है और 73 प्रतिशत संगठनों को मध्यम से उच्च व्यावसायिक वृद्धि की उम्मीद है। यह जानकारी मंगलवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।

एओन द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि फाइनेंशियल सर्विसेज, लाइफ साइंस और कंज्यूमर गुड्स जैसे सेक्टर में आशावाद सबसे अधिक है। साथ ही, नए स्नातकों को नियुक्त करने की नियोक्ताओं की इच्छा 2024 की तुलना में मजबूत हो रही है।

220 से अधिक संगठनों के जवाबों पर आधारित 'कैंपस स्टडी रिपोर्ट 2025-26' से पता चलता है कि इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल, सामग्री और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्र भी मांग को बढ़ावा दे रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, "सर्वे में शामिल 40 प्रतिशत से अधिक कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में अपने कर्मचारियों की संख्या में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करने की योजना बनाई है, जो वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद जॉब मार्केट में एक बड़े सुधार की ओर इशारा करता है।"

हायरिंग सेंटीमेंट में इस सुधार के बावजूद, नए स्नातकों के लिए कंपनसेशन ग्रोथ मामूली बनी हुई है।

एमबीए और इंजीनियरिंग स्नातकों की कंपनी की कुल लागत (टीसीसी) में मामूली वृद्धि हुई है और यह वृद्धि फिक्स्ड सैलरी हाइक के बजाय जॉइनिंग बोनस और परफॉर्मेंस-लिंक्ड पे के कारण हुई है।

संगठन प्रोत्साहन पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसमें वेरिएबल पे 10 से 12 प्रतिशत तक है।

रिपोर्ट में पाया गया कि 67 प्रतिशत नियोक्ता एमबीए स्नातकों को शॉर्ट-टर्म इंसेंटिव प्रदान करते हैं।

भारत में एओन के पार्टनर और डेटा सॉल्यूशंस हेड रूपांक चौधरी ने कहा, "भारत में कैंपस हायरिंग विकसित हो रही है।"

चौधरी ने कहा, "संगठन बड़े पैमाने पर भर्ती करने के बजाय सही कौशल, शीघ्र जुड़ाव और लॉन्ग टर्म रिटेंशनस वाले उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"

रिपोर्ट वर्कप्लेस कल्चर और विविधता पर बढ़ते ध्यान को भी रेखांकित करती है।

सर्वे में शामिल आधे से अधिक संगठनों का मानना ​​है कि कल्चर अलाइनमेंट प्रदर्शन को प्रभावित करता है।

रिपोर्ट की प्रमुख लेखिका साची वर्मा ने कहा, "कैंपस हायरिंग अब केवल पदों को भरने के बारे में नहीं बल्कि संगठन के भविष्य को आकार देने के बारे में है।"

वर्मा ने जोर देकर कहा कि एक मजबूत लर्निंग और डेवलपमेंट प्रोग्राम के साथ-साथ एक आकर्षक कर्मचारी मूल्य प्रस्ताव, टॉप टैलेंट को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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